पीलीभीत। जिला अस्पताल में चल रहे बाहर की दवा पर्ची खेल पर भले ही अस्पताल प्रशासन व मेडिकल प्राचार्य मौन हों, लेकिन इस पूरे मामले को लेकर डीएम सख्त हो गए हैं। डीएम ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य से मामले की जानकारी ली है। बाहर की दवा पर्ची पर रोक लगाने को कहा है। हालांकि, बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में बाहर की दवा पर्ची बंद रही।
जिला अस्पताल में रोजाना करीब 1300 से 1500 मरीज उपचार को पहुंचते हैं। सबसे अधिक मरीज फिजिशियन कक्ष में परामर्श को पहुंचते हैं। चिकित्सक इसका जमकर फायदा उठा रहे हैं। कमीशन के खेल में मरीजों को बाहर की दवा पर्ची थमा रहे हैं। मरीज को दो से तीन दवाएं खरीदने में 300 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
इसको लेकर अमर उजाला ने छह फरवरी को सीएमएस साहब बाहर की पर्ची दी है, बताएं कहां मिलेगी दवा शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इस खबर को लेकर भले ही अस्पताल प्रशासन व मेडिकल प्राचार्य ने संज्ञान न लिया हो, लेकिन पूरे मामले में अब डीएम संजय कुमार ने मामले की जानकारी ली है। डीएम ने मेडिकल प्राचार्य से बाहर से दवाएं लिखने वाले चिकित्सकों के बारे में पूछा। साथ ही इन चिकित्सकों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
चिकित्सकों के कक्ष तक पहुंच रहे निजी कंपनी के प्रतिनिधि
मेडिकल कॉलेज के तैनात चिकित्सकों के कक्ष तक निजी कंपनी के दवा प्रतिनिधि भी पहुंच रहे हैं। यह चिकित्सकों को प्रलोभन देकर दवा लिखने के लिए भी कह रहे हैं। बुधवार को एक निजी कंपनी का प्रतिनिधि भी फिजिशियन कक्ष में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक के पास पहुंचा था।