पीलीभीत। उत्तराखंड से लगे तराई इलाके पीलीभीत में मानसून ने दस्तक दे दी है। इसके चलते मंगलवार सुबह तेज हवा के साथ बारिश हुई। दिन में बादल छाए रहे। आगामी दो दिन में मौसम विभाग ने कहीं हल्की मध्यम तो कहीं भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। उसके बाद दो जुलाई तक रोजाना हल्की मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मानसून की रफ्तार अगर यही बनी रही तो आगामी एक सप्ताह में 1300 एमएम या इससे अधिक बारिश हो सकती है।
मंगलवार को मानसून ने तराई में दस्तक दे दी। इसके बाद मौसम में बदलाव देखा गया। 20 दिन से भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिली। मंगलवार सुबह तेज हवा के साथ ठीक ठाक बारिश हुई। उसके बाद पूरे दिन बादल छाए रहे। दिन में भी हल्की बूंदाबांदी होती रही। इससे तापमान में भी एक-दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। शाम को हवा चलने से मौसम में ठंडक का अहसास हुआ। न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 33.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि बुधवार और बृहस्पतिवार को दिन और रात में कहीं हल्की मध्यम तो कहीं भारी बारिश होगी। दोनों दिन मिलाकर 350 एमएम बारिश हो सकती है। उसके बाद दो जुलाई तक कभी हल्की मध्यम तो कभी तेज बारिश होगी। 18 से 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। मानसून के दस्तक देने के बाद देवहा, शारदा, गोमती समेत अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ गया।
लखनऊ आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता ने बताया कि मानसून ने बरेली मंडल समेत तराई के इलाके में दस्तक दे दी है। उसके बाद मौसम में बदलाव है। कुछ जगह पर बारिश भी हुई है। आगामी दो दिन तक मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है जबकि 26 जून से दो जुलाई तक तेज हवा के बीच रुक-रुककर बारिश होती रहेगी। इससे तापमान में गिरावट आएगी। गर्मी के प्रकोप से आम लोगों को राहत मिलेगी।
धान और गन्ने की फसल को जबरदस्त फायदा
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका का कहना है कि मानसूनी बारिश होने से धान, गन्ना समेत खरीफ की सभी फसलों को फायदा होगा। इस समय धान की रोपाई चल रही है। जो धान लग चुका है, उसे भी प्राकृतिक जल मिलेगा। इससे पौधों में बढ़वार तेज होगी। गन्ने की फसल को भीषण गर्मी में बारिश होने से राहत मिलेगी। फसल की बढ़वार तेज होगी। इसके अलावा अन्य खरीफ की अन्य फसलों में भी बारिश का लाभ किसानों को मिलेगा। जमीन की गर्मी खत्म होगी। फसलों का उत्पादन बेहतर होगा।