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बर्फीली हवा से बढ़ी गलन.. बूंदाबांदी के आसार

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पीलीभीत। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर बना हुआ है। बर्फीली हवा चलने से गलन बनी हुई है। रविवार को धूप निकलने के बाद भी लोगों को सर्दी से राहत नहीं मिली। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो सप्ताह भर अभी इसी तरह से मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। वहीं कुछ इलाकों में आने वाले दिनों में बूंदाबांदी के भी आसार हैं।
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बीते कुछ दिनों से कोहरा के साथ शीतलहर तराई वासियों की मुश्किल बढ़ाए है। शनिवार को दिन भर ठिठुरन बनी रही थी। रात को घना कोहरा छा गया। आलम यह रहा कि कुछ दूरी का भी स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। वाहन चालकों को सफर में खासा परेशानी हुई। कोहरे की वजह से हादसे का भी डर बना रहा। हाईवे पर तेज रफ्तार से दौड़ने वाले वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगी रही। रविवार सुबह भी मौसम सर्द रहा। घना कोहरा छाया रहा। बर्फीली हवा चलने से गलन बनी रही। गर्म कपड़ों को पहनने के बाद भी लोग ठिठुरते रहे। दोपहर करीब दो बजे हल्की धूप निकली। हालांकि इससे सर्दी कम नहीं हो सकी। धूप बेसर साबित रही। सड़कों पर आम दिनों की अपेक्षा अवकाश का दिन होने के बाद भी सन्नाटा पसरा रहा। अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम पांच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम के साथ ही गर्म कपड़े का बाजार भी ठंडा
सर्दी का असर भले ही बढ़ रहा हो, लेकिन अब इसका असर बाजार पर नहीं पड़ रहा। गर्म कपड़ों की खरीदारी भी तेजी नहीं पकड़ सकी है। रेडीमेड कपड़ों के व्यापारी हनी अरोरा का कहना है कि सहालग के समय बाजार बढ़ा था। मगर 15 दिसंबर तक सर्दी नहीं बढ़ी। अब सर्दी पड़ने से खरीदारी पर असर नहीं है। अगर पहले सर्दी पड़ी होती तो लोग जरूर खरीदारी करते। अब लोग यह मानकर खरीदारी करने नहीं आ रहे कि कुछ दिन की बात है। इसके अलावा कोरोना संक्रमण की भी मार देखी जा रही है। स्थानीय ग्राहक ही आ रहे हैं। पिछली बार की अपेक्षा गर्म कपड़ों का बाजार इस बार 40 फीसदी कम रहा है।
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किसानों को राहत, फसलों के लिए फायदेमंद
गलन और पाला भले ही लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर गया हो, लेकिन यह किसानों को राहत दे रहा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि यह मौसम फसलों के लिए फायदेमंद है। गेहूं, सरसों, लाही, सब्जियां सभी फसलों के लिए पाला फायदा दे रहा है। इससे सिंचाई पर आने वाले खर्च की भी बचत हो रही है।
सांस के मरीज रखें ख्याल, बच्चों-बुजुर्गों पर भी ध्यान
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि बदलता मौसम बीमार कर सकता है। इसलिए विशेष सावधानी बरती होगी। खासकर सांस रोगी अपना ख्याल रखें। गर्म कपड़े पहने और ठंडी चीज से परहेज करें। बच्चों और बुजुर्गों के खानपान आदि पर भी ध्यान देते रहें।
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