दोपहर में कोहरा छटने के बाद दिनभर छाए रहे बादल।
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पीलीभीत। तराई में एक बार फिर मौसम ने करवट ली। आठ दिन धूप खिलने के बाद सोमवार को बादल छाए रहे। सूर्यदेव दिन भर बादलों के बीच लुकाछिपी खेलते रहे। धूप न निकलने और सर्द हवा चलने से गलन बढ़ गई। शाम को ठिठुरन का असर अधिक रहा। आने वाले दिनों में बारिश के आसार भी बने हुए हैं। यह मौसम फसलों के लिए फायदेमंद बताया जा रहा है।
दिसंबर के अंतिम दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहा। पंद्रह से 20 दिसंबर के बीच शीतलहर का कहर टूटा। सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। वहीं पारा भी तीन डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। शीतलहर, गलन के बीच लोग गर्म कपड़े पहनने के बाद भी ठिठुरन बरकरार रही। फिर मौसम बदला और सूर्यदेव के दर्शन हुए। 21 दिसंबर से लगातार धूप खिल रही थी। इससे गलन और ठिठुरन कम हो गई थी, मगर सोमवार सुबह से कोहरा छाया रहा। कोहरा छंटा तो कुछ देर के लिए सूर्यदेव के दर्शन हुए, लेकिन तेज हवा चलने के साथ कुछ देर फिर बादल छा गए। दोपहर 12 बजे तक मौसम पूरी तरह से बदल चुका था। बादलों के बीच सूर्यदेव छिप चुके थे। धूप न निकलने और हवा चलने से ठंडक बढ़ती चली गई। बारिश के आसार पहले ही बने हुए थे। लोग दोबारा गर्म कपड़ों के सहारे घरों के बाहर निकले। शाम को बर्फीली हवा भी शुरू हुई तो गलन बढ़ गई। इससे बुजुर्ग और बच्चों को खासा दिक्कत हुई। अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। डॉक्टरों ने भी पूर्व की भांति बदलते मौसम में खानपान और पहनावे पर विशेष ध्यान बरतने की सलाह दी। आने वाले सप्ताह में भी मौसम का उतार-चढ़ाव बना रहेगा। बादलों के बीच कुछ इलाकों में बूंदाबांदी होने की संभावना है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि किसानों के लिए बदलता मौसम बेहद फायदेमंद है। आगामी 24 घंटे में बूूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं। जो फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। गेहूं, सब्जी, लाही, सरसों आदि फसलों को इससे लाभ होगा।