संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस बैच 2026 के नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का श्वेत कोट समारोह शनिवार को आयोजित किया गया। लेक्चर थिएटर-02 में आयोजित समारोह में भावी चिकित्सकों ने श्वेत कोट धारण कर महर्षि चरक की शपथ ली। उन्होंने मरीजों के हितों की रक्षा करने, उनकी गोपनीयता बनाए रखने और बिना किसी भेदभाव के मानवता की सेवा करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसपी सुकीर्ति माधव ने विद्यार्थियों को चिकित्सा सेवा को मानवता की सेवा मानकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अमित कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा का पेशा केवल रोगों का उपचार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समर्पण, करुणा, नैतिकता और निरंतर अध्ययन की महत्वपूर्ण भूमिका है। चिकित्सकों को मरीजों के प्रति संवेदनशील रहते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
मुख्य अतिथि एसपी सुकीर्ति माधव ने भावी चिकित्सकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पीड़ितों के कष्ट दूर करना जीवन के महत्वपूर्ण उद्देश्यों में शामिल होना चाहिए। उन्होंने संस्कृत श्लोक ''कामये दुःखतप्तानां प्राणिनामार्तिनाशनम्'' के माध्यम से सेवा भावना का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग जरूरतमंदों की मदद करने तथा लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए करने की प्रेरणा दी।
उपप्राचार्य डॉ. अरुण सिंह ने विद्यार्थियों को श्वेत कोट धारण कराया और महर्षि चरक शपथ दिलाई। डॉ. दीपिका वर्मा ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया। डॉ. शिखा सक्सेना और डॉ. अर्चना सिंह ने श्वेत कोट के महत्व तथा महर्षि चरक शपथ में निहित चिकित्सा नैतिकता के मूल्यों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का आयोजन बायोकेमिस्ट्री विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा सक्सेना और उनकी टीम ने किया। अंत में डॉ. ज्योति त्रिवेदी ने आभार जताया। समारोह में महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, चिकित्सा शिक्षक, वरिष्ठ रेजिडेंट और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। समापन राष्ट्रगान और सामूहिक छायाचित्र के साथ हुआ।