होली पर्व से एक दिन पूर्व शहर का बाजार भीड़ से गुलजार दिखा। रंग-गुलाल,
मिठाई और रेडीमेड गारमेंट की दुकानों पर देर शाम तक भीड़ लगी रही। गुरुवार
सुबह से शहर में रंगों की बौछार शुरू हो गई। दुल्हड़ी पर निकाले जाने वाले
जुलूसों और होलिका स्थलों पर रंग खेलने वालों ने तैयारियां पूरी कर ली गई।
गुरुवार
सुबह से ही शहर के बाजारों में चहल पहल शुरू हो गई। शहर के स्टेशन रोड,
मुख्य बाजार में रेडीमेड गारमेंट की दुकानों पर लोगों की खासी भीड़ रही।
किराना बाजार में मावा और मिठाई की दुकानों पर लोगों ने जमकर खरीदारी की।
दोपहर तक स्टेशन रोड, मुख्य बाजार, सब्जी मंडी, जेपी रोड, चावला चौराहा
समेत मुख्य चौराहों में इतनी भीड़ हो गई कि राहगीरों को बाजार से निकलना
मुश्किल हो गया।
जेपी रोड चौराहा, नीबू मंडी, छिपियान मस्जिद चौराहे पर
दिन में कई बार जाम की स्थिति पैदा हुई। फुटपाथों पर सुबह से ही रंगों की
दुकानें सज गई। देर शाम तक खरीदारों की भारी भीड़ देखी गई।
रंगों से सराबोर हुई शहर की सड़कें
शहर
के गली मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर सुबह से ही होली की हुड़दंग शुरु हो
गया। बच्चों और युवाओं ने रंग, गुलाल और पिचकारी से लैस होकर प्रमुख चौराहे
कब्जा लिए। शहर के स्टेशन रोड, गैस चौराहा, जाटों का चौराहा, गांधी
स्टेडियम रोड, लेखराज चौराहा, जेपी रोड आदि स्थानों पर जमकर होली खेली।
युवाओं के साथ बुजुर्गों में भी गजब का उत्साह देखा गया।
खूब बिका अबीर गुलाल
गुरुवार
को यदि सबसे ज्यादा कहीं भीड़ दिखी तो वह पिचकारी बाजार में। अमूमन हर साल
पिचकारी बाजार पर चाइनीज आइटमों का कब्जा रहता है लेकिन इस बार देशी
आइटमों से बाजार पटे दिखाई दिए। लोगों ने हानिकारक केमिकल युक्त रंगों के
स्थान पर हर्बल आइटमों को तरजीह दी।
रेडीमेड गुझियों की बढ़ी डिमांड
पर्व
की परंपरा के मुताबिक लोग घरों में आने वाले मेहमानों का स्वागत गुझियां,
नमकीन व मिठाइयों से कराते हैं। बाजारे में देशी घी और रिफाइंड ऑयल से बनी
गुझियों की भारी डिमांड रही। कुछ दुकानों पर तो एडवांस बुकिंग भी कराई गई।
गन्ना और जौ से सजे फुटपाथ
होलिका
पूजन में जौ और गन्ने का विशेष महत्व है। शहर के फुटपाथों पर गुरुवार सुबह
से ही आसपास गांवों से आए ग्रामीणों ने जौ और गन्नों के ढेर लगाने शुरू कर
दिए। जौ की एक गड्डी पांच रुपये में, जबकि गन्ना आठ से दस रुपये प्रति पीस
तक बिका।
होलिका स्थलों पर हुआ पूजन
होलिका दहन से पहले
होलिका स्थलों पर पूजन हुआ। शाम होते ही होलिका स्थलों पर महिलाओं के
पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। होलिका स्थलों पूजा अर्चना एवं वैदिक
मंत्रोच्चारण के बीच पूजन आरंभ किया। इसके बाद प्रसाद के रूप में गुझिया और
मिठाई बांटी गई।