वनबसा बैराज से शुक्रवार सुबह आठ से दोपहर तीन बजे तक बढ़ती रही पानी छोड़ने की मात्रा, 1.21 लाख क्यूसेक पानी अब तक रिलीज, तीन दिन पहले दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से रही थी हलचल
पूरनपुर। शारदा नदी का जलस्तर शुक्रवार को एक बार फिर बढ़ने लगा। सुबह से ही नदी में पानी बढ़ता देख नदी किनारे बसे हजारा और शास्त्रीनगर समेत आसपास के गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई।
वनबसा बैराज से शुक्रवार को शारदा नदी में पानी छोड़े जाने की मात्रा सुबह आठ बजे से लगातार बढ़ती रही। दोपहर तीन बजे तक नदी में करीब 1.21 लाख क्यूसेक पानी रिलीज किए जाने की सूचना रही। पानी की बढ़ती मात्रा के साथ शारदा का जलस्तर भी बढ़ने लगा। नदी पहले से ही उफान की स्थिति से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाई थी, ऐसे में दोबारा पानी बढ़ने से नदी किनारे के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई।
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तीन दिन पहले दो लाख क्यूसेक पानी से बिगड़े थे हालात
तीन दिन पहले वनबसा बैराज से शारदा नदी में करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। नदी का पानी खेतों में फैल गया और बड़ी संख्या में कृषि क्षेत्र जलमग्न हो गए थे। हजारा और शास्त्रीनगर की आबादी तक पानी पहुंच गया था। गांव के रास्तों पर करीब चार फीट तक पानी भरने के कारण आवागमन भी बाधित हो गया था। लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के दौरान खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुईं और रास्तों पर पानी भर जाने से जरूरी काम के लिए बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया था।
जलस्तर घटा तो आबादी से निकला पानी
बुधवार को शारदा के जलस्तर में कमी आने के बाद हजारा और शास्त्रीनगर की आबादी में भरा पानी धीरे-धीरे निकल गया था। हालांकि नदी का पानी काफी ऊपर तक भरा होने के कारण खेतों और कुछ संपर्क मार्गों पर जलभराव बना हुआ था। जलस्तर में और कमी आने पर ग्रामीणों को खेतों और रास्तों से भी पानी निकलने की उम्मीद थी।
इसी बीच शुक्रवार को बैराज से फिर पानी छोड़े जाने की सूचना ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी। सुबह से नदी का जलस्तर बढ़ता देख लोग नदी की स्थिति पर नजर बनाए रहे। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि पानी छोड़ने की मात्रा और बढ़ी तो दोबारा गांवों की आबादी और रास्तों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
खेतों में पानी भरा, फसल को लेकर बढ़ी चिंता
शारदा किनारे के खेतों में अभी भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। किसान लगातार नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दिनों आई बाढ़ के बाद खेतों से पानी पूरी तरह निकल भी नहीं पाया था और अब दोबारा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे फसल को नुकसान होने की चिंता बढ़ गई है। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं है। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाको में लगातार नजर बनाए है।
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शास्त्रीनगर में स्वास्थ्य शिविर, 69 मरीजों की जांच
खुजली, मौसमी बुखार और पेट दर्द के मरीज पहुंचे, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल वैन की भी व्यवस्था
पूरनपुर। बाढ़ और जलभराव से प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शिविर लगाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को गांव शास्त्रीनगर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। शिविर में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं वितरित की गईं।
सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष राज शर्मा ने बताया कि शिविर में कुल 69 मरीजों की जांच की गई। इनमें अधिकांश मरीज खुजली, मौसमी बुखार और पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों की जांच करने के बाद उन्हें आवश्यक दवाएं दीं और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी भी दी।
उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल वैन भी लगातार पहुंच रही है। मोबाइल वैन के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच की जा रही है और जरूरत के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को साफ पानी पीने और आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी जागरूक कर रही है। संवाद