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पीलीभीत: कलक्ट्रेट से विकास भवन तक सरकारी दफ्तरों में भरा पानी, शारदा पार इलाके में बाढ़ से गांव घिरे

Thu, 03 Sep 2026 01:32 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पीलीभीत जिले में बारिश के बाद नदियों के बढ़े जलस्तर ने शहर की व्यवस्थाओं को बेपटरी कर दिया। खकरा नदी का पानी कलक्ट्रेट क्षेत्र में घुसने से बुधवार को कचहरी और पोस्टमार्टम मार्ग पर जलभराव हो गया। बुधवार रात पानी विकास भवन परिसर तक भी पहुंच गया।

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कलक्ट्रेट में भरा पानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर ने पीलीभीत जिले में बाढ़ के हालात और गंभीर कर दिए हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कलक्ट्रेट परिसर से लेकर विकास भवन और कई अन्य सरकारी कार्यालयों में पानी भर गया। वहीं शारदा नदी के पार के इलाकों में बाढ़ का पानी गांवों की ओर बढ़ने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोग बाढ़ और जलभराव के कारण परेशान हैं।

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बुधवार रात हुई बारिश के बाद बृहस्पतिवार को भी मौसम खराब बना रहा। रुक-रुककर हो रही बारिश से शहर के तमाम हिस्सों में जलभराव हो गया। कलक्ट्रेट परिसर और विकास भवन परिसर में पानी भरने से अधिकारी-कर्मचारियों के साथ फरियादियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के रास्ते पानी में डूबे रहे। कार्यालय परिसरों में जलभराव के कारण कामकाज भी प्रभावित हुआ।

उधर, शारदा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से शारदा पार क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। नदी के आसपास के निचले इलाकों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों की चिंता सताने लगी है। कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों को जरूरी सामान लाने-ले जाने और आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।

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नदियों के उफान से बढ़ी चिंता
लगातार बारिश के साथ पहाड़ों और बैराजों से आने वाले पानी के कारण जिले की नदियों के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है। शारदा के अलावा देवहा समेत अन्य नदियों के आसपास के क्षेत्रों में भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ी हुई है। नदी किनारे बसे गांवों में लोग जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और राहत टीमों को अलर्ट रखा गया है।

बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की खोली पोल
लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी निकासी की व्यवस्था प्रभावित हो गई। सड़कों और सरकारी कार्यालय परिसरों में पानी भरने से जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। कलेक्ट्रेट और विकास भवन जैसे प्रमुख प्रशासनिक परिसरों में जलभराव होने से साफ है कि तेज बारिश के सामने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था कितनी कमजोर है। मौसम खराब रहने और बारिश का सिलसिला जारी रहने से आने वाले घंटों में हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।

कई गांवों में जलभराव 
पूरनपुर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी उफनाने से गांव हजारा और शास्त्रीनगर की आबादी में जलभराव हो गया। खेत जलमग्न हो गए। कच्चे रास्तों और दोनों गांवों के डेढ़ सौ घरों में दो से ढाई फुट तक पानी भर गया। बुधवार को जलभराव के चलते कई घरों में चूल्हे नहीं जले। प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों को शाम चार बजे तक खाना का वितरण नहीं कराया गया।

बचाव कार्य की खानापूरी से गांव के लोगों में रोष
अगस्त महीने में दो बार नदी के उफनाने से गांव हजारा और शास्त्रीनगर की आबादी में जलभराव हुआ था। नदी का जलस्तर कम होने पर नदी ने तेजी से हजारा के समीप कटान शुरू की थी। बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता ने कटानस्थल पहुंचकर निरीक्षण किया था। मंडलायुक्त ने भी गांव हजारा में चौपाल लगाई थी। इसके बाद कटान से बचाव कार्य शुरू कराया गया।

बंबू कटर लगाने शुरू किए गए, मगर सप्ताह भर काम चलने के बाद बंद कर दिया गया। गांव हजारा के राकेश कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर कम होने पर कटान न होने का तर्क देकर बाढ़ खंड ने बचाव कार्य रोक दिया था। उनका कहना है कि जलस्तर कम होने पर बचाव कार्य नहीं किया जाता। बाढ़ आने पर बचाव कार्य कराने का आश्वासन देकर मात्र खानापूरी की जाती है। 
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जलस्तर कम होने से राहत
बनवसा बैराज से शारदा नदी में पानी रिलीज होने का क्रम मंगलवार सुबह से शुरू होकर रात आठ बजे तक जारी रहा। इसके बाद रिलीज होने वाले पानी की मात्रा में कमी आनी शुरू हुई। बुधवार को शारदा नदी का जलस्तर कम होने पर आबादी और खेतों, सड़कों पर हुआ जलभराव कम होना शुरू हुआ। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। 

50 परिवारों को राणा प्रतापनगर के बाढ़ शरणालय में किया शिफ्ट
बुधवार को एसडीएम मयंक गोस्वामी ने बताया कि नदी उफनाने से खेतों, सड़कों और निचले में बने कुछ घरों में जलभराव हुआ था। अब नदी का जलस्तर कम होना शुरू हो गया है। हजारा और शास्त्रीनगर के 50 परिवारों को राणा प्रतापनगर के बाढ़ शरणालय में रखा गया है नायब तहसीलदार सौरभ कुमार के नेतृत्व में टीम को शारदा पार भेजा गया।
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