नदियों के उफान से बढ़ी चिंता
लगातार बारिश के साथ पहाड़ों और बैराजों से आने वाले पानी के कारण जिले की नदियों के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है। शारदा के अलावा देवहा समेत अन्य नदियों के आसपास के क्षेत्रों में भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ी हुई है। नदी किनारे बसे गांवों में लोग जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और राहत टीमों को अलर्ट रखा गया है।
बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की खोली पोल
लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी निकासी की व्यवस्था प्रभावित हो गई। सड़कों और सरकारी कार्यालय परिसरों में पानी भरने से जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। कलेक्ट्रेट और विकास भवन जैसे प्रमुख प्रशासनिक परिसरों में जलभराव होने से साफ है कि तेज बारिश के सामने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था कितनी कमजोर है। मौसम खराब रहने और बारिश का सिलसिला जारी रहने से आने वाले घंटों में हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।
कई गांवों में जलभराव
पूरनपुर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी उफनाने से गांव हजारा और शास्त्रीनगर की आबादी में जलभराव हो गया। खेत जलमग्न हो गए। कच्चे रास्तों और दोनों गांवों के डेढ़ सौ घरों में दो से ढाई फुट तक पानी भर गया। बुधवार को जलभराव के चलते कई घरों में चूल्हे नहीं जले। प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों को शाम चार बजे तक खाना का वितरण नहीं कराया गया।
बचाव कार्य की खानापूरी से गांव के लोगों में रोष
अगस्त महीने में दो बार नदी के उफनाने से गांव हजारा और शास्त्रीनगर की आबादी में जलभराव हुआ था। नदी का जलस्तर कम होने पर नदी ने तेजी से हजारा के समीप कटान शुरू की थी। बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता ने कटानस्थल पहुंचकर निरीक्षण किया था। मंडलायुक्त ने भी गांव हजारा में चौपाल लगाई थी। इसके बाद कटान से बचाव कार्य शुरू कराया गया।
बंबू कटर लगाने शुरू किए गए, मगर सप्ताह भर काम चलने के बाद बंद कर दिया गया। गांव हजारा के राकेश कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर कम होने पर कटान न होने का तर्क देकर बाढ़ खंड ने बचाव कार्य रोक दिया था। उनका कहना है कि जलस्तर कम होने पर बचाव कार्य नहीं किया जाता। बाढ़ आने पर बचाव कार्य कराने का आश्वासन देकर मात्र खानापूरी की जाती है।
जलस्तर कम होने से राहत
बनवसा बैराज से शारदा नदी में पानी रिलीज होने का क्रम मंगलवार सुबह से शुरू होकर रात आठ बजे तक जारी रहा। इसके बाद रिलीज होने वाले पानी की मात्रा में कमी आनी शुरू हुई। बुधवार को शारदा नदी का जलस्तर कम होने पर आबादी और खेतों, सड़कों पर हुआ जलभराव कम होना शुरू हुआ। इससे लोगों ने राहत की सांस ली।
50 परिवारों को राणा प्रतापनगर के बाढ़ शरणालय में किया शिफ्ट
बुधवार को एसडीएम मयंक गोस्वामी ने बताया कि नदी उफनाने से खेतों, सड़कों और निचले में बने कुछ घरों में जलभराव हुआ था। अब नदी का जलस्तर कम होना शुरू हो गया है। हजारा और शास्त्रीनगर के 50 परिवारों को राणा प्रतापनगर के बाढ़ शरणालय में रखा गया है नायब तहसीलदार सौरभ कुमार के नेतृत्व में टीम को शारदा पार भेजा गया।