गर्मी शुरू हो गई है। ऐसे में टाइगर रिजर्व में बाघ एवं अन्य वन्यजीवों को पानी उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग ने तालाबों पर सोलरपंप लगाकर पानी भरना शुरू किया है। महोफ व माला रेंज के कई तालाबों पर सोलरपंप लग चुका हैं जबकि कुछ तालाबों पर सोलरपंप लगाने के लिए डिमांड भेजी गई है। तराई के इस जनपद में यूं तो पानी का पर्याप्त भंडार है। जंगल के अंदर से भी कई नहर एवं नदियां बहती हैं। इसके बाद भी कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां वन्यजीवों को सुगमता से पानी उपलब्ध नहीं हो पाता। इसके लिए वन विभाग ने पिछले कुछ वर्षों में छोटे बड़े करीब 100 तालाब खुदवाए हैं। इनमें बड़े तालाबों में हर समय पानी उपलब्ध कराने के लिए सोलरपंप लगाए गए हैं। टाइगर रिजर्व की सभी पांच रेंजों में से तीन रेंज क्रमश: महोफ, माला व बराही के छह तालाबों में सोलरपंप लगाए जा चुके हैं। इन दिनों सोलरपंप से इनमें पानी भरने का काम चल रहा है। इन छह तालाबों के अलावा बराही और माला के चार तालाबों पर सोलरपंप लगवाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में इसकी धनराशि प्राप्त नहीं हो सकी। उम्मीद की जा रही है अब वित्तीय वर्ष 2017-18 में इसके लिए बजट मिल सकता है।
माला और महोफ रेंज में लगेगी सोलर यूनिट
टाइगर रिजर्व के जंगल में पर्यावरण को दूषित होने से बचाने के लिए अब बिजली की आपूर्ति के लिए जनरेटर न चलाकर सोलर पावर यूनिट की स्थापना की जाएगी। इसके प्रथम चरण में महोफ व माला रेंज के मुख्यालयों पर डेढ़-डेढ़ लाख की लागत से सोलर पावर यूनिट लगाया जाएगा।
टाइगर रिजर्व के तालाबों पर सोलरपंप लगाने के साथ ही दो रेंजों में सोलर पावर यूनिट लगवाए जा रहे हैं। इससे बिजली पानी मिलने के साथ पर्यावरण भी दूषित नहीं होगा। - कैलाश प्रकाश, डीएफओ