पीलीभीत। किशोरों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से चिंता का विषय बन रही हैं। ऐसे में बच्चों की भावनाओं को समझना, उनकी बात ध्यान से सुनना और जरूरत पड़ने पर समय पर मदद उपलब्ध कराना जरूरी है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शनिवार को ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षक-अभिभावक सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण विषय पर विशेष चर्चा की गई।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अनुपम शर्मा, समाजसेवी लक्ष्मीकांत शर्मा, प्रधानाचार्य लोकेश कुमार, राजकुमार और कार्यक्रम संयोजक डॉ. आरपी गंगवार ने बताया कि 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2026 की थीम का संदेश है कि जीवन के वास्तविक अनुभवों और आवाजों को सुना जाए, ताकि सार्थक बदलाव लाया जा सके।
अभिभावकों को बच्चों की दिनचर्या और व्यवहार में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए। नींद में बदलाव, दोस्तों से दूरी बनाना और चिड़चिड़ापन मानसिक परेशानी के संकेत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की समस्या सुनने के बाद ही उन्हें सलाह देनी चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 की जानकारी दी गई। इस सेवा के माध्यम से निःशुल्क परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।