मंडी समिति में मौजूद अधिकारियों से महिला कर्मी लगाती रहीं गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। पति की भी ड्यूटी लगी है। मतदान केंद्र पर बच्चों को संभालना मुश्किल होगा। ड्यूटी कटवाने के लिए सुबह से इधर-उधर भटक रही हूं, कोई सुनता ही नहीं...यह दर्द बयां किया पूरनपुर से चुनाव ड्यूटी में आई आकांक्षा ने। आकांक्षा ने एक बच्चे को गोद में उठा रखा था, दूसरा साथ में चल रहा था। इसी तरह कई अन्य महिला कार्मिक भी बच्चों को लेकर इधर से उधर भटकती दिखीं।
रवानगी स्थल मंडी समिति पहुंचे कार्मिकों में कई महिलाएं ऐसी थीं, जिनके गोद में छोटे बच्चे थे। किसी के साथ दो बच्चे भी आए थे। इन कार्मिकों ने समस्या बताकर ड्यूटी कटवाने का काफी प्रयास किया, लेकिन अफसरों ने एक न सुनी। कई कार्मिक बीमारी की हालत में भी मंडी समिति पहुंचे। इन कर्मियों के साथ समस्या थी, लेकिन ड्यूटी पर जाना पड़ा।
शहर के ही कर्मचारी रामदास ने बताया कि वह पिछले लगभग छह माह से बीमार चल रहे हैं। बावजूद इसके उनकी ड्यूटी लगा दी गई। बृहस्पतिवार को उनका बेटा, रामदास को कंधे पर लादकर मंडी समिति पहुंचा। जहां वह ड्यूटी कटवाने के लिए अधिकारियों से गुहार करता रहा।
बरखेड़ा की कर्मचारी सोमवती ने बताया कि उन्हें दो सालों से सांस की बीमारी है। सभी जरूरी दस्तावेज अधिकारियों को दिखाए, लेकिन उनकी ड्यूटी लगा दी गई। बीसलपुर की कर्मचारी वंदना शर्मा के तीन माह का बेटा है। कई बार अधिकारियों से ड्यूटी कटवाने के लिए गुहार लगाई, लेकिन किसी ने नहीं सुना।
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रिजर्व कार्मिकों के काउंटर पर भीड़, अनसुना करते रहे कर्मी
रिजर्व कार्मिकों की ड्यूटी काउंटर के पास कार्मिकों की भीड़ नजर आई। लोग, ड्यूटी कटवाने को मनुहार करते दिखे। समस्या को लेकर प्रार्थना पत्र भी दिया। काउंटर पर मौजूद अधिकारी-कर्मचारियों ने कभी सेक्टर मजिस्ट्रेट तो कभी सीडीओ से मिलने की बात कही। पूरे समय तक काउंटर पर भीड़ जमा रही।