पीलीभीत। जिला अस्पताल में नए इमरजेंसी वार्ड का संचालन लंबे समय से नहीं हो पा रहा है। मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के उद्देश्य से बनाए गए 30 बेड के इमरजेंसी वार्ड में व्यवस्थाएं पूरी कर दी गईं है, लेकिन स्टाफ की कमी के चलते इसको शुरू नहीं किया गया है। मरीजों को पूर्व में संचालित इमरजेंसी वार्ड में ही सेवाएं दी जा रही है, इसमें अधूरी सेवाओं के साथ चिकित्सक सहित स्टाफ की कमी बनी रहती है।
जिला अस्पताल बनने के बाद नए 30 बेड के इमरजेंसी वार्ड बनाने की योजना बनाई गई। इसको मरीजों की स्थिति अनुसार चार जोन ट्राइज एरिया, रेड जोन, यलो और ग्रीन जोन बनाया गया है। वार्ड को बने छह माह से ज्यादा समय बीत चुका है। वार्ड में मरीजों के जरूरी बेड, ऑक्सीजन कनेक्शन, मेडिकल स्टोर रूम, डॉक्टर रूम आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई है, लेकिन चिकित्सक सहित स्टाफ के अभाव में इसका संचालन नहीं किया गया। सीएमएस रमाकांत सागर ने बताया कि नए इमरजेंसी वार्ड में होने वाले मरीज के लिए प्रयास रहेगा कि उसको रेफर न किया जाए। इसके लिए हड्डी रोग विशेषज्ञ सहित अन्य विशेषज्ञ व जूनियर डॉक्टर की टीम लगाई जाएगी। स्टाफ की कमी पूरी होने के बाद जल्द ही इसका संचालन कर दिया जाएगा।
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इमरजेंसी वार्ड के लिए इतने कर्मचारियों की जरूरत
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड में संचालन के लिए चार से पांच चिकित्सक, छह कर्मी मरीजों को इधर से उधर ले जाने के लिए, एक रिसेप्शन व क्लर्क, छह वार्ड वॉय व छह स्टाफ नर्स की आवश्यकता है। इसी के साथ सफाईकर्मी रहेंगे।