तराई वासियों को जिला और तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाला इकलौता वाइफरकेशन मार्ग अब परेशानी का सबब बता जा रहा है।
निर्माण के एक साल बाद ही जर्जर हुए इस मार्ग पर आए दिन वाहन तो क्षतिग्रस्त हो रही रहे हैं, साथ ही गड्ढों का अनुमान न लग पाने के चलते भी कई वाहन सवार चोटिल भी हो चुके है। तराईवासियों ने विधायक पीतमराम को ज्ञापन भेजकर मार्ग का निर्माण कराने की मांग की है।
तराई क्षेत्र की दर्जन से अधिक गांवों की करीब 50 हजार आबादी के लिए तहसील और जिला मुख्यालय से तराई आने-जाने को एकमात्र वाइफरकेशन शारदा डैम मार्ग है। इस मार्ग को हरदोई ब्रांच के कलीनगर पुल से नहर की बाई पटरी पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनाया गया था। बताते हैं कि कमीशनखोरी की जंक के चलते एक साल में ही यह उधड़ने लगा था। तब आरईएस के अभियंता ठेकेदार से साठगांठ कर अनुबंध की निर्धारित समय सीमा तक मार्ग के गड्ढों को मिट्टी भरवाकर पेंटिंग की औपचारिकताएं निभाते रहे। समय सीमा पूरी होने पर ठेकेदार की जमानत धनराशि भी रिलीज कर दी गई। अब मार्ग का यह हाल है कि कलीनगर पुल से लेकर वाइफरकेशन एवं शारदा डैम तक मार्ग में गहरे गड्ढे हो गए हैं। इसी मार्ग पर सीमा की सुरक्षा करने वाली एसएसबी की चौकियां भी हैं, लेकिन फिर भी अभी तक मार्ग को नहीं बनाया गया है। उधर, जब पांच दिन पूर्व बारिश हुई तो मार्ग की दशा और भी बदतर हो गई। गड्ढों में दलदल के साथ पानी भर गया, जिसमें अमूमन रोजाना ही भारी वाहन फंस रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कतें दोपहिया वाहन सवारों को हो रही हैं। जो गड्ढों का अनुमान न लगा पाने की वजह से गड्ढों में फंसकर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों बताया कि पूर्व में ब्लाक प्रमुखी चुनाव के दौरान निर्वाचित ब्लाक प्रमुख के आवास पर हुई बैठक में प्रधानों व बीडीसी सदस्यों मार्ग निर्माण का मुद्दा उठाया था। क्षेत्रीय विधायक पीतमराम ने भी मार्ग निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक मार्ग का निर्माण तो दूर मरम्मत तक नहीं कराई गई। इस मामले में पूर्व प्रधान अहिवरन सरकार, गोपाल बैरागी, प्रधान आशीष राय, प्रशांत साना, भूदेव दास, परितोष राय, शंकर राय, नंदगोपाल आदि ने विधायक को ज्ञापन भेजकर मार्ग निर्माण कराने की मांग की है।