मध्य प्रदेश में प्री-मेडिकल टेस्ट घोटाले में जिले के पांच युवकाें के शक के घेरे में आने पर छात्रों के परिवार में दहशत व्याप्त हो गई है। शुक्रवार को पूरे दिन मामले को लेकर शहर में चर्चा का माहौल रहा।
मध्यप्रदेश के भोपाल में वर्ष 2012 में मंडल व्यावसायिक परीक्षा के तहत प्री-मेडिकल परीक्षा हुई थी। इसमें बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा प्रकाश में आया था। इस मामले में मध्यप्रदेश के राज्यपाल के मंझिले बेटे सहित दो लोगों के भी नाम प्रकाश में आए थे। मामले की जांच कर रही भोपाल एसटीएफ की टीम अभी तक कई आरोपियों को जेल भेज चुकी है। बुधवार की शाम भोपाल एसटीएफ की टीम पीलीभीत पहुंची थी।
टीम ने फर्जीवाड़े में शामिंल होने के शक में थाना अमरिया के हर्रायपुर निवासी इमरान व मुक्तादिर सहित पांच लोगों के घरों पर जाकर नोटिस दिया था और उन्हें हफ्ते भर के अंदर जांच अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक के सामने पेश होने के निर्देश दिए थे। नोटिस मिलने के बाद से आरोपियों के घरवाले डरे हुए हैं।
घर वाले युवकों के भविष्य को लेकर खासा परेशान हैं। उधर शहर में भी फर्जीवाड़े को लेकर चर्चाओं का दौर जारी रहा। लोग अन्य आरोपी कौन हैं इसकी जानकारी करने में जुटे रहे। उधर भोपाल की एसटीएफ युवकों के घर वालों को नोटिस तामिल कराकर वापस लौट गई।