शहर के विशाल टाकीज परिसर स्थित भाजपा का चुनाव कार्यालय । संवाद
पीलीभीत। लोकसभा चुनाव का शंखनाद हो गया है। जिले में पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा। नामांकन प्रक्रिया की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। चुनाव की गणित में उलझे मतदाताओं और प्रमुख दलों के पदाधिकारी- कार्यकर्ताओं की चर्चा का एक ही विषय है...उम्मीदवार का नाम।
पीलीभीत सीट को गांधी परिवार का गढ़ माना जाता है। लंबे समय से यहां मेनका गांधी और वरुण गांधी का वर्चस्व रहा है। चुनावी लड़ाई में सपा-बसपा भी शामिल रही है। इस बार यह लोकसभा सीट खासी चर्चा में है। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार- पीलीभीत सीट को पहले चरण में शामिल किया गया है। दो दिन बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, लेकिन बीजेपी और सपा के उम्मीदवारों के नाम अभी सामने नहीं आए हैं।
रविवार को चौक-चौराहों पर इन प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा होती दिखी। वहीं शहर में बनाए गए बीजेपी के लोकसभा चुनाव कार्यालय पर सन्नाटा दिखा। दोपहर दो बजे गेट बंद था। अंदर दो कार्यकर्ता बैठे थे। बताया कि कुछ लोग आए थे, जो चले गए हैं। एक-दो दिन में कार्यालय में रौनक ही रौनक दिखेगी। शाम के समय सपा जिला कार्यालय पर भी सन्नाटा पसरा था। यहां भी कोई कार्यकर्ता नजर नहीं आए। बताया जा रहा है कि उम्मीदवारों के नाम तय होते ही पार्टी कार्यालयों का सन्नाटा गायब हो जाएगा। उधर, बसपा उम्मीदवार चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं।
शहर के विशाल टाकीज परिसर स्थित भाजपा का चुनाव कार्यालय । संवाद