पंचायत चुनाव में मंगलवार को वोटिंग के लिए बुजुर्गों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। कोई डंडा टेकते हुए बूथ पहुंचा तो कोई नाती पोतों के सहारे वोट डालने पहुंचा। इनकी उम्र भले ही 70 के पार हो गई हो, लेकिन जज्बा युवाओं से कही अधिक दिखा।
गांव ऐमी निवासी 80 वर्षीया सुखदेई ने बताया कि वह पूजापाठ करने के बाद वोट डालने आई है। हर बार ही चुनाव में वोट डाला है। उमसड़ निवासी 85 वर्षीया गंगादेई कहती है कि पहले मतदान फिर कुछ और काम। भीड़ देखकर एक बार लौट चुकी हूं, इस बार तो वोट डालकर ही जाऊंगी। गांव कंजानाथ पट्टी निवासी 85 वर्षीया रामवती व 80 वर्षीया रामकुमारी आपस में देवरानी जेठानी है। दोनों ही एक दूसरे का हाथ थामे पोलिंग स्टेशन पहुंची। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वोट डालना उनका हक है और जब तक सांसें हैं, यह यूं ही जारी रहेगा। गांव भिखारीपुर निवासी 80 वर्षीया फातिमा बी आंखों में कम रोशनी के बावजूद अपने पुत्र के साथ वोट डालने पहुंची। उन्होंने बताया कि इस दिन को कई दिनों से इंतजार कर रही थी। वहीं जोशी कालोनी के 80 वर्षीय विकलांग बाबूराम ट्राईसाइकिल से ही ऊबड़ खाबड़ सड़कों से होते हुए मतदान करने पहुंचे। बोले: गांव की कुछ तरक्की हो जाए, इसीलिए वोट डालने आया हूं।