मतदाता अब दो सूचियों में
अपना नाम नहीं रख सकेंगे। मतदाता सूची के आधार कार्ड नंबर के जुड़ जाने से
वोटरों की डुप्लीकेसी बंद हो जाएगी। वर्तमान में सूची संशोधन के साथ आधार
कार्ड नंबर भी अंकित किए जा रहे हैं, लेकिन सभी मतदाताओं के आधार नंबर न
होने के कारण सरकार की मंशा अभी पूरी होती नहीं दिख रही।
निर्वाचन आयोग
के निर्देश पर इन दिनों मतदाता सूचियों की जांच और संशोधन का कार्य चल रहा
है। इसमें विधानसभा और भारत निर्वाचन आयोग की सूचियों का मिलान कर फोटो,
नाम संशोधन एवं अन्य त्रुटियों को ठीक किया जा रहा है। इस कार्य के साथ इस
बार सूची में मतदाताओं के नाम के साथ आधार कार्ड नंबर भी अंकित किया जा रहा
है।
सूची का कार्य पूरा होने के बाद इसे कंप्यूटर पर फीड कर ऑनलाइन
किया जाएगा। सूची ऑनलाइन होते ही आधार कार्ड नंबर के माध्यम से डुप्लीकेट
और दो सूचियों में नाम रखने वाले मतदाताओं की पहचान हो जाएगी और उनके नाम
सूची से हटा दिए जाएंगे।
कैसे पूरी होगी आयोग की मंशा
निर्वाचन
आयोग ने सूची संशोधन के साथ इसमें आधार कार्ड नंबर अंकित करने की
अनिवार्यता लागू कर दी है लेकिन अभी तक जिले में 50 प्रतिशत लोगों के आधार
कार्ड भी नहीं बन पाए हैं। ऐसे में सभी मतदाताओं के आधार कार्ड नंबर मतदाता
सूची में कैसे जुड़ेंगे यह बड़ा सवाल है।
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सूचियों में संशोधन का
कार्य चल रहा है। जिन मतदाताओं के आधार कार्ड नंबर उपलब्ध होंगे उन्हें
सूची में दर्ज कर लिया जाएगा। इसके लिए अभी कोई अंतिम तिथि निर्धारित नहीं
हुई है। ज्यों ज्यों आधार कार्ड नंबर मिलेंगे उन्हें सूची में अंकित कराया
जाएगा।
- आलोक सिंह, एडीएम