किसान मजदूर पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी के मुखिया वीएम सिंह ने कहा कि सत्ता में आने के बाद राजनीतिक पार्टियां उद्योगपतियों के इशारे पर काम करती हैं। किसानों के भविष्य की चिंता उन्हें कभी नहीं रहती। इसलिए किसानों को अपने उत्थान के लिए खुद अपनी सरकार बनानी होगी।
किसान मजदूर पार्टी का गठन करने के बाद वीएम ने पूरे प्रदेश में विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन प्रारंभ किए हैं। इसकी शुरूआत रविवार को बरेली रोड स्थित एक बारात घर में शहर विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन के साथ हुई। सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान नेता वीएम सिंह ने कहा कि किसानों की दुर्दशा के लिए केंद्र और प्रदेश की सरकारें उत्तरदायी हैं। गरीब और किसानों के नाम पर वोट हासिल कर राजनीतिक पार्टियां पूंजीपति और उद्योगपतियों के लिए काम करती हैं। उन्होंने कहा चुनाव में टिकट हासिल करने से लेकर चुनाव लड़ने तक पांच से दस करोड़ रुपया खर्च करने वाले जीतने के बाद जनसेवा न करके अपनी तिजोरियां भरते हैं और एक चुनाव जीतकर करोड़पति बन जाते हैं। किसानों को अपनी सोच बदलनी होगी और जाति धर्म से ऊपर उठकर किसान बिरादरी बनानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों की दशा सुधारने के लिए 2022 का समय मांग रहे हैं, लेकिन यदि किसान अपनी सरकार बनाते हैं तो वह उनकी दशा सुधरने में 22 महीने भी नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि पीलीभीत हमारा है और हमारा ही रहेगा। यहां की जनता ने मुझे कई बार हराया, जिससे मुझे संघर्ष करने का बल मिला और आज पूरे प्रदेश में उनकी पार्टी सक्रिय हो रही है। इस मौके पर पार्टी के तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। इससे पहले वीएम सिंह ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में कार्यकर्ताओं व क्षेत्र की जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।