परिषदीय विद्यालयों में इस शैक्षिक सत्र भले ही सामान्य बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें न मिली हो, लेकिन दृष्टि बाधित बच्चों की पढ़ाई की राह आसान होेने जा रही है। शासन ने इन बच्चों को निशुल्क ब्रेल लिपि की पुस्तकें देने के निर्देश दिए हैं।
शासन ने चालू शैक्षिक सत्र में परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले दृष्टि बाधित बच्चों के लिए ब्रेल लिपि की निशुल्क पुस्तकें देने का प्रावधान किया है। राज्य परियोजना निदेशक शीतल वर्मा ने जारी आदेश में दृष्टि बाधित बच्चों को ब्रेेल लिपि की पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बीएसए को जारी आदेश में कहा गया कि दृष्टि बाधित बच्चों को समेकित मद से प्राथमिक स्तर (एक से पांच तक ) 150 रुपये व उच्च प्राथमिक स्तर (छह से आठ) तक कक्षाओं के लिए 250 रुपये प्रति स्कूल की दर से धनराशि जारी की चुकी है।
शासनादेश में देश की 17 ब्रेल प्रेसों की सूची भी संलग्न की गई है। बीएसए को इन ब्रेल प्रेसों में से किसी एक प्रेस से ब्रेल पुस्तकें खरीदने को निर्देशित किया गया है।
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200 दृष्टि बाधित बच्चों को मिलेगी ब्रेल पुस्तकें
जिले में 1800 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इन विद्यालयों में करीब 200 दृष्टि बाधित बच्चे शिक्षारत हैं। इन बच्चों को ही बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित पाठ्यक्रम की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएगी।
25 इटीनरेंट टीचर देंगे शिक्षा
दृष्टि बाधित बच्चों को ब्रेल लिपि पुस्तकों के पढ़ने के तौर तरीकों की जानकारी इटीनरेंट टीचर देंगे। सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक राकेश पटेल के मुताबिक महकमे में 25 इटीनरेंट टीचर है। जिन विद्यालयों में दृष्टि बाधित बच्चों का नामांकन है, वहां यह टीचर सप्ताह में दो दिन जाकर पढ़ाएंगे।
जल्द होगा ब्रेल पुस्तकों का वितरण
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को निशुल्क ब्रेल पुस्तकें दी जानी है। पुस्तकों को क्रय करने के लिए एक ब्रेल प्रेस को पत्र भेजा गया है। जल्द पुस्तकाें का वितरण किया जाएगा।
अंबरीष कुमार यादव, बीएसए