खुले बाजार में बेचने जाने के आरोप में पुलिस ने पकड़े ट्रैक्टर-टॉली को जांच में अनाज पूरा मिलने की कहकर कोटेदार को क्लीन चिट दे दी गई थी। दो दिन बाद रविवार को सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में कोटेदार का पुत्र खुद सरकारी अनाज बेचने की बात कह रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद जांच रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कालाबाजारी करने जाने के आरोप में गांव नवादा महेश के कोटेदार की सरकारी अनाज लदी ट्रैक्टर-ट्राली पुलिस ने पकड़ी थी। मगर जांच अधिकारी ने अनाज पूरा होना बताकर कोटेदार को क्लीन चिट दे दी थी। इतना नहीं शिकायतकर्ता को फर्जी शिकायत करने के आरोप में पूरी रात थाने में गुजारनी पड़ी थी। इस संबंध में जांच अधिकारी ने बताया था कि ट्रॉली से दो बोरे रास्ते में गिर गए थे, जो खोजने के बाद मिल गए। सरकारी अनाज की कोई कालाबाजारी नहीं हुई थी। रविवार को इस मामले का एक वीडियो सामने आ गया है। इसमें सरकारी अनाज के बोरे एक आढ़त पर रखे दिखाई दे रहे है। वीडियो में कोटेदार का पुत्र अनाज बेचने की बात कह रहा है। वीडियो में यह भी स्वीकारा गया कि एक पूरा व एक आधा बोरा अनाज था। वीडियो वायरल होने पर कई सवाल उठ रहे हैं। अगर कोटेदार के पुत्र ने अनाज बेचा तो जांच अधिकारी को पूरा कैसा मिल गया? रास्ते में गिरे बोरे मिल गए तो कोटेदार के पुत्र ने सरकारी अनाज किसका बेचा था? अनाज कम था तो कोटेदार पर जांच अधिकारी ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? जांच अधिकारी ने कैसे कोटेदार की बात मानकर दो बोरे अनाज ट्रॉली में रखवा दिए? दो बोरे अनाज टॉली में रखवा देने की बात किसी अधिकारी को क्यों नहीं बताई? यानी अब कोटेदार के साथ व जांच अधिकारी भी जांच के घेरे में आ गए हैं।