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वायरल वीडियोः लॉकडाउन में तहसीलदार-नायब तहसीलदार कोर्ट बंद रहे, फिर भी 300 फाइलों का हो गया निस्तारण

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पूरनपुर। कोराना वायरस के लॉकडाउन में सब कुछ बंद था। अदालतें भी बंद थीं। मगर, आश्चर्य की बात यह है कि सब कुछ बंद होने के बाद भी तहसीलदार और नायब तहसीलदार कोर्ट में 300 वाद निस्तारित हो गए। वादी और प्रतिवादी कोर्ट भी नहीं पहुंचे। फिर भी इनके वाद निपट गए। यह सब सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में बताया गया है। यह मेसेज किसने वायरल किया, यह तो जांच का विषय है। मगर, यह मामला लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि इस मामले में कोई भी अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
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तहसीलदार कोर्ट में अधिकांश वाद दाखिल खारिज के होते हैं। जमीन की खरीद फरोख्त पर कोर्ट से दाखिल खारिज कराने के लिए जमीन के क्रेता- विक्रेता और प्रधान को समन जारी किया जाता है। समन तामिल होने के बाद अगर किसी को आपत्ति है तो वह कोर्ट में पेश होकर उस आपत्ति को दाखिल करता है। 22 मार्च के जनता कर्फ्यू के बाद लागू लॉकडाउन में सब अदालतें बंद थी। पुलिस और स्वास्थ्य के अलावा इमरजेंसी सेवा वाले लोगों को ही बाहर निकले की छूट थी। शेष लोगों को घर से बाहर निकलने पर महामारी एक्ट में कार्रवाई झेलनी पड़ी। लॉकडाउन में कोर्ट बंद होने और लोगों के घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी होने के बाद भी तहसीलदार और नायब तहसीलदार कोर्ट में 300 मुकदमों का निस्तारण कर दिया गया। इस जानकारी के साथ सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
मेरे कोर्ट में विवादित फाइलें नहीं हैं। दो-चार फाइलों का ही निस्तारण किया गया है, वह भी तहसीलदार कोर्ट में। कुछ बंधके निरस्त हुई हैं। पैसा जमा होने पर उनका निरस्तीकरण हो जाएगा। - अनुराग सिंह, नायब तहसीलदार
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लॉकडाउन में मेरे कोर्ट से कोई मुकदमा निस्तारित नहीं किया गया है। दो-तीन फाइलें जो विवादित नहीं थी, उनका नियमानुसार निस्तारण किया गया है। वायरल वीडियो के बारे में जानकारी नहीं है। - विजय कुमार त्रिवेदी, तहसीलदार
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