गोमती बचाओ अभियान के तहत बाबूराम वृद्ध सेवाश्रम की ओर से पैदल मार्च
निकाला गया। इस दौरान गांव-गांव गोष्ठियां कर लोगों को जागरूक किया गया।
माधोटांडा
स्थित गोमती उद्गम स्थल से मंगलवार सुबह करीब पांच बजे पैदल मार्च की
शुरुआत हुई। पैदल मार्च गांव नवदिया धनेश, सुंदरपुर, गोमती गुरुद्वारा,
पूरनपुर होते हुए बाबा इकोहत्तर नाथ मंदिर परिसर पहुंची। इकोहत्तर नाथ
मंदिर में विद्वान पंडितों ने जलाभिषेक किया और प्रार्थना कर गोमती नदी
लगातार प्रवाहित होने की कामना की। इस दौरान गांव-गांव पैदल मार्च का
स्वागत किया गया और गोष्ठियां भी हुईं। इसमें वृद्ध सेवाश्रम के प्रबंधक
आशीष गुप्ता ने कहा कि मां गोमती को आदि गंगा के नाम से जाना जाता है। जनपद
का सौभाग्य है कि गोमती का उद्गम स्थल यहां है। सभी को गोमती नदी के
उद्धार को संकल्प लेकर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की
दृष्टि से और वर्तमान भौतिक दृष्टिकोण से जल जीवन के लिए अनिवार्य आवश्यकता
है। इस दौरान डॉ. ज्योति स्वरूप, माता भगवती देवी गौशाला के व्यवस्थापक
अंतराम पालिया, सत्यप्रकाश शुक्ला समेत तमाम लोग मौजूद रहे।