गांव पिपरा मुजप्ता में सोमवार सुबह हर किसी के चेहरे पर अफसोस साफ झलक रहा था। पौ फटते ही लापता बालिका का शव एक खाली प्लाट में पड़े होने की जानकारी पर गांव वाले उस ओर दौड़ पड़े। घटना स्थल पर मिले दरिंदगी के सबूत देख हर किसी के चेहरे तमतमा उठे। हर किसी के चेहरे पर बस एक सवाल था कि आखिर किस दरिंदे ने मासूम के साथ हैवानियत की। दिल दहला देने वाली इस घटना के चलते पीड़िता के आसपास के घरों में चूल्हे ही नहीं जले। महिलाओं के आंसू नहीं थम रहे थे तो वहीं ग्रामीण मासूम के स्वभावों को लेकर चर्चा कर रहे थे। हर किसी की जुबां पर बस यही था कि भगवान दरिंदे को ऐसी कड़ी सजा मिले ताकि कोई दरिंदा ऐसी घटना को अंजाम देने की जुर्रत न कर सके।
घर में खोजी कुत्ता घुसते ही आक्रोशित हुए ग्रामीण
पूरनपुर। बताते हैं कि खोजी कुत्ता बालिका के शव को सूंघने के बाद आरोपी के घर में जा घुसा। खोजी कुत्ते के आरोपी के घर में घुसने की जानकारी जब ग्रामीणों को हुई तो वह आक्रोशित हो उठे। बड़े बुजुर्गों द्वारा समझाने पर ग्रामीण शांत हुए।
बिगडै़लों में शुमार है आरोपी
पूरनपुर। गांव के जिस आरोपी ने हैवानियत की घटना अंजाम दिया, वह अपनी जवानी के शुरूआती दिनों से लेकर जवानी ढलने तक बिगड़ैल बताया जा रहा है। एसओ सेहरामऊ उत्तरी सीपी शुक्ला ने बताया कि आरोपी समेत उसके चार भाई अभी तक अविवाहित हैं। बताया ब्राहमण जाति से ताल्लुक रखने वाले आरोपी का कोई क्राइम इतिहास तो नहीं है, लेकिन जवानी के दिनों में उसकी दहशत थी। शराब पीकर दबंगई करना उसकी आदत में शुमार था। ग्रामीणों के मुताबिक आरोपी बहरा भी है।
नहीं हो सका पोस्टमार्टम
बालिका का शव देर शाम जिला मुख्यालय पहुंचा। देरी होने के कारण बालिका के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। अब मंगलवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा।
किशोर की हत्या का भी नहीं खुला राज
पूरनपुर। गांव निवासी नरेंद्र के 13 वर्षीय पुत्र विवेक का शव तीस सितंबर को गांव से कुछ दूरी पर बांस से लटकता मिला था। नरेंद्र की पत्नी जयदेवी ने जमीन की रंजिन पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने जयदेवी की ओर से गांव निवासी शिवकुमार, त्रिवेणी, आशीष ओर जितेंद्र हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने नामजद शिवकुमार और त्रिवेणी को पूछताछ को हिरासत लेने के बाद छोड़ दिया था। इसके बाद घटना का आज तक खुलासा नहीं हो सका। पुलिस ने जांच में आरोपियों को दोषी नहीं माना और घटना में एफआर लगा दी थी।