ग्राम विकास अधिकारी संघ के वार्षिक सम्मेलन में अधिकारियों ने अपनी समस्याएं रखीं। इसमें पंचायतों के अनियमित आवंटन का विरोध करते हुए क्लस्टर के अनुसार आवंटन की मांग रखी गई।
टनकपुर रोड स्थित पीलीभीत बारात घर में हुए पहली बार हुए वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर किया। मुख्य अतिथि प्रांतीय अध्यक्ष सैयद कमर अब्बास अहमद ने कहा कि ग्राम विकास अधिकारियों को शासन की योजनाओं को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से गांव स्तर तक लागू कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की समस्याओं को शासन स्तर पर रखकर जल्द उनका निस्तारण कराया जाएगा।
इससे पूर्व अपनी समस्याएं रखते हुए सदस्यों ने कहा कि आज कंप्यूटर का युग है। ग्राम स्तर के तक अधिकारियों को सरकार लैपटॉप और टैबलेट दे रही है इसके बाद भी उन्हें 100 रूपये प्रति माह साइकिल भत्ता मिल रहा है जो गलत है। अन्य वक्ताओं ने कहा कि शिकायतकर्ता की शिकायत पर उनका पक्ष सुने की कार्रवाई कर दी जाती है साथ ही शिकायत झूठी होने पर शिकायतकर्ता पर कोई कार्रवाई नहीं होती। यदि शिकायतकर्ता पर भी कार्रवाई की जाए तो झूठी शिकायतें और सरकार समय व धन दोनों की बचत हो जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी इंद्रदेव द्विवेदी ने ग्राम विकास अधिकारियों की ग्राम पंचायतों के आंवटन की मांग को जायजा ठहराते हुए घोषणा की कि वह जिले में इस व्यवस्था को जल्द लागू करा रहे हैं इसके लिए उन्होंने बीडीओ को पत्र जारी करने का भी आश्वासन दिया। डीडीओ एके सिंह चंद्रौल ने कहा कि ग्राम विकास अधिकारियों की जो समस्याएं उनके समक्ष आएंगी वह उसका जल्द निस्तारण का प्रयास करेंगे।
अधिवेशन में डीपीआरओ बीपी सक्सेना, जिलाध्यक्ष अजय सक्सेना, मंत्री सुधीर कुमार, अशोक कुमार कटियार, नागेंद्र कुमार, राजेश गौतम, चंद्रपाल शुक्ला, रोहिताश्व जायसवार, मेवालाल, अवनीश दीक्षित, प्रताप सिंह यादव, राजेंद्र सिंह, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष हशमुद्दीन खां, नरेंद्र सिंह सहित कई लोग थे।