पीलीभीत। दहेज में पांच हजार रुपये के लिए पत्नी को मारपीट कर घर से निकालने का आरोप अदालत में साबित नहीं होने पर अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन तरुण कुमार ने आरोपी को बरी कर दिया।
अभियोजन के मुताबिक, 28 जून 1996 को प्रेमवती ने थाना सुनगढ़ी में तहरीर देकर बताया कि उसका विवाह ग्राम बिलहा बजूरिया निवासी कालीचरन से हुआ था। इस बीच उसके कोई संतान नहीं हुई। कालीचरन दहेज में पांच हजार रुपये की मांग करते हुए उसका उत्पीड़न करने लगा। उसने पति को समझाया कि उसके परिजन बहुत गरीब हैं, इतने रुपये नहीं दे सकते। एक दिन उसका भाई उसकी ससुराल आया। उस दिन पति ने पांच हजार रुपये की मांग दोहराते हुए उसके साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया। इस बीच पता चला कि उसके पति ने दूसरी महिला से विवाह कर लिया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपों को निराधार पाया। साक्ष्य के अभाव में आरोपी को बरी करने का आदेश दिया। संवाद