हाईवे पर छुट्टा पशुओं से बढ़ रहा हादसों का खतरा
टनकपुर हाईवे पर पीलीभीत से मझोला तक बड़ी संख्या में छुट्टा गोवंश और अन्य पशु अक्सर सड़क पर घूमते या बीच मार्ग पर बैठे दिखाई देते हैं। सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान इस मार्ग पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही कई गुना बढ़ जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। सोमवार रात हुए हादसे का कारण भी छुट्टा पशु बना।
पीस कमेटी की बैठक में भी उठ चुका था मुद्दा
श्रावण मास और कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर न्यूरिया थाने में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में मझोला नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन अजय गोयल ने टनकपुर हाईवे से छुट्टा पशुओं को हटाने की मांग प्रमुखता से उठाई थी। इसके बावजूद हाईवे पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
छुट्टा पशु पकड़वाने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय विशेष रूप से काले रंग के छुट्टा पशु दूर से दिखाई नहीं देते, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक दुर्घटना की स्थिति बन जाती है। सैदपुर, पिपरिया, मैदना, जनकपुरी, बिथरा, भमौरा और पोलीगंज समेत कई स्थानों पर हाईवे पर छुट्टा पशुओं के झुंड अक्सर देखे जाते हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे से छुट्टा पशुओं को हटाकर गोशालाओं अथवा सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति न हो।