पूरनपुर। वट अमावस्या को लेकर डाक बंगले में पूजन करने पहुंची महिलाओं पर बृहस्पतिवार सुबह मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इससे महिलाओं में भगदड़ मच गई। बाद में कुछ लोगों ने धुआं कर मधुमक्खियों को भगाया, तब कहीं जाकर महिलाएं पूजन कर सकीं।
वट अमावस्या की पूजा करने को नगर की अधिकांश महिलाएं लाइन पार स्थित जिला पंचायत के डाक बंगले में पहुंचती हैं। बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे से ही महिलाओं के डाकबंगले में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। हालांकि सुबह के समय बूदाबांदी हो रही थी। इस दौरान वट वृक्ष के समीप एक पेड़ में लगी मधुमक्खियों के छत्ते को किसी ने छेड़ दिया। करीब आठ से 10 महिलाओं और बच्चों को मधुमक्खियों ने काट लिया। भगदड़ देख कुछ लोगों ने आननफानन में आग जलाकर आसपास धुआं किया, तब कहीं जाकर मधुक्खियां दूर हुईं। पूजा करने वाली महिलाओं की भीड़ दोपहर करीब डेढ़ बजे तक रही। इस दौरान महिलाओं में मधुमक्खियों का डर सताता रहा।
इधर, सिरसा रोड, दुर्गा मंदिर परिसर में सुहागिनों ने वट वृक्ष की पूजा कर उपवास रखा। अमरैयाकलां, भगवंतापुर, घुंघचाई, कसगंजा में भी वट अमावस्या पर सुहागिनों ने विधि- विधान से पूजन किया।
पति की सलामती के लिए की वट अमावस्या पूजा
पीलीभीत। पति की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए सुहागिनों ने वट वृक्ष की पूजा कर उपवास रखा।
शहर की अशोक कॉलोनी, मोहल्ला गोपाल सिंह, यशवंतरी देवी मंदिर, निरंजनकुंज कॉलोनी समेत कई मंदिरों में बृहस्पतिवार सुबह से ही सुहागिनें पूजा के लिए जुटने लगीं। पूजन के दौरान सुहागिनों ने सामाजिक दूरी का भी खासा ख्याल रखा। इस दौरान सुहागिनों ने निर्जला व्रत रखा। व्रती सुहागिनों ने विधि विधान से सावित्री, सत्यवान, यमराज के चित्र रखकर वट वृक्ष की पूजा की।
बीसलपुर। सुहागिनों ने व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा अर्चना की और पति की दीर्घायु होने की प्रार्थना की। पूजा अर्चना का सिलसिला सुबह छह बजे से दोपहर करीब दो बजे तक जारी रहा। घरों में पकवान बनाए गए।