नोटबंदी का असर यहां मंडी समिति में हरी सब्जी से लेकर आलू, प्याज तक के कारोबार पर पड़ा है। आढ़ती वारदाना खाली करने को आलू फेंक रहे हैं, जो पशु खा रहे हैं। टीनशेडों में आलू की बोरियों के ढेर लगे हैं। मगर आढ़तियों के यहां सन्नाटा पसरा है। इसकी वजह यह है कि सस्ता होने के बाद भी मंडी में आलू व सब्जियों की बिक्री कम है। मंडी में आढ़तियों की तरफ अमर उजाला की टीम पहुंची तो ग्राहक समझकर एक आढ़ती कहने लगे कि भैय्या मुफ्त के भाव हैं, आलू ले लो। नया पुराना दोनों ही है। नया 35 रुपये धड़ी (पांच किलो), पुराने का जो चाहो दे जाओ। चाहो तो फ्री में ले जाओ। टीम के परिचय देने पर आढ़ती के दिल में छिपा दर्द उभर कर सामने आ गया। यह हाल सिर्फ आलू के थोक व्यापारियों का ही नहीं है, बल्कि हरी सब्जी से लेकर प्याज तक के थोक व्यापारियों का है। व्यापारियों का खुद कहना था कि नोटबंदी का असर इस कदर है कि किसान को उसकी लागत नहीं मिल पा रही है, वहीं आढ़ती क रोज का खर्च नहीं निकाल पा रहे हैं।
35 रुपये धड़ी भी कोई नहीं ले रहा आलू
नया आलू 20 रुपये धड़ी से लेकर अधिकतम 35 रुपये धड़ी तक है। प्याज दो रुपये किलो से लेकर पांच रुपये किलो तक है। संभल, आंवला आदि से नया आलू मंडी आ रहा है। इसके बाद भी हालात यह है कि पूरे दिन में एक भी ग्राहक नहीं आता है।
आलू वाले भैय्या उर्फ भइयेे
आलू के साथ अपने भी बुरे दिन
आलू के अच्छे दिन आने की उम्मीद में 300-400 रुपये प्रति बोरी खरीद कर कोल्ड स्टोर में रखा था। अब कोल्ड स्टोर का भाड़ा 100 रुपये बोरी व रखने-लाने आदि पर 50 रुपये खर्च हुए। अब 50 रुपये बोरी में भी कोई नहीं खरीद रहा। पेट्रोल पंप पर पुराने नोट बंद कर देने के बाद से ट्रांसपोर्टर भी माल लाने-ले जाने में कन्नी काट रहे हैं। सुबह से कुल 870 रुपये की बिक्री हुई है। जबकि प्रतिदिन खर्चा ही करीब दो हजार का है।
मोहम्मद कलीम, आलू के थोक विक्रेता
सब्जी भी कौड़ी के भाव
नोटबंदी का असर हरी सब्जियों की बिक्री पर भी पड़ा है। गोभी, पात गोभी, टमाटर, मेथी व पालक से लेकर अन्य हरी साग सब्जियों के भी थोक के भाव आधे से भी काफी नीचे आ गए हैं। नोटबंदी के कारण किसानों को भी पैसा समय से नहीं दे पा रहे। इससे किसान और व्यापारी दोनों परेशान हैं.
गोकुल प्रसाद मौर्य, सब्जी आढ़ती
वारदाना खाली करने को फेंकना पड़ा आलू
पुराना आलू कोई भाव नहीं बिक रहा है। लिहाजा वारदाना खाली करने के लिए 250 बोरी आलू फेंकना पड़ा है। प्याज के दाम भी काफी कम हो गए हैं। लिहाजा आढ़ती खासे परेशान हैं। नोटबंदी और माल उठान न होने के कारण पिछले 20 दिन से कोई माल नहीं मंगाया।
मेराज, आढ़ती आलू-प्याज
साग-सब्जी के थोक भाव में आई गिरावट एक नजर में
नाम सब्जी पहले का भाव अबका भाव
पुराना आलू 50 रुपये धड़ी 50 रुपये बोरी
नया आलू 80 रुपये धड़ी 35 रुपये धड़ी
मेथी 75 रुपये धड़ी 40 रुपये धड़ी
टमाटर 60 रुपये धड़ी 35 रुपये धड़ी
पालक 50 रुस्रुपये धड़ी 20 रुपये धड़ी