यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन ने बीएसए द्वारा अमरिया के बिल लिपिक को हटाने पर खुशी जताई। यूटा पदाधिकारियों का दावा है कि यूटा की शिकायत के बाद हुई जांच के चलते ही बिल लिपिक को हटाया गया।
बिल लिपिक शहनवाज आलम पिछले पांच साल से अमरिया ब्लाक में बिल लिपिक का कार्य देख रहे थे। इस बीच उन पर शिक्षकों का शोषण करने व सुविधा शुल्क लेने आदि की शिकायतें उच्चाधिकारियों से की गईं थी। यूटा पदाधिकारियों ने भी बिल लिपिक की शिकायत बीएसए से की थी। बीएसए ने 22 अप्रैल को बिल लिपिक शहनवाज आलम को अमरिया से बरखेड़ा व बरखेड़ा के बिल लिपिक विद्या भूषण को अमरिया में कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए। इधर, यूटा के जिलाध्यक्ष राजेश मिश्रा ने बताया कि बिल लिपिक द्वारा लगातार शिक्षकों का शोषण किया जा रहा था। वर्ष के अंत में शिक्षकों के वेतन से आयकर कटौती से पूर्व शिक्षकों द्वारा उपलब्ध कराए गए बचत पत्रों को कूड़ेदान में डाल दिया गया, जिससे शिक्षकों का पूरा वेतन ही आयकर में चला गया। इस मामले की शिकायत डीएम, बीएसए आदि से की गई थी। बीएसए ने दो खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम जांच को गठित की थी। जांच में मामला सही पाया गया। बिल लिपिक को हटाने पर यूटा के ब्लाक अध्यक्ष मोहम्मद अकरम समेत अन्य पदाधिकारियों ने खुशी जताई।