शहर की आस्तान ए हशमतिया में चल रहे उर्से हशमती व मुशाहिदी का कुलशरीफ के साथ समापन हो गया। अकीदतमंदों ने हाथ उठाकर मुल्क व कौम की सलामती के लिए दुआएं मांगी।
शहर के मोहल्ला भूरे स्थित आस्तान ए हशमतिया में तीन दिसंबर से अहले सुन्नत मौलाना मोहम्मद हशमत अली खां का 57वां उर्से हशमती व साबिक मुफ्ती ए शहर मौलाना मुफ्ती मोहम्मद मुशाहिद रजा खां का 18वां उर्से मुशाहिदी शुरू हुआ था। इधर रविवार को आस्तान ए हशमतिया में सुबह साढ़े आठ बजे से नातिया प्रोग्राम हुआ।
इसके बाद सुबह 10.20 बजे पहला कुलशरीफ व दोपहर 2.38 बजे दूसरा कुलशरीफ हुआ। कुलशरीफ के दौरान मन्नतें पूरी होने पर अकीदतमंदों ने करीब 21 किलो चांदी की लौंग लुटाई। मौलाना मुफ्ती बुरहान रजा खां ने अहले सुन्नत मौलाना मोहम्मद हशमत अली खां की जिंदगी पर तफसील से रोशनी डाली।
इस दौरान आस्तान ए हशमतिया मुशाहिदिया के सज्जादानशीन मौलाना जरताब रजा खां ने कहा कि इस्लाम में आतंक की कोई जगह नहीं है। आतंकी मुसलमान नहीं हो सकता क्योंकि इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता। उन्होंने अकीदतमंदों से साफ सफाई का विशेष ध्यान रखने व आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद करने पैगाम दिया।
इस दौरान हमदर्द युनिवर्सिटी के डॉ. गुलाम याहया अंजुम, खानकाहे आला हजरत मौलाना तौसीफ रजा खां, काजी ए शहर मशीहुद्दीन, मौलाना मुस्तफा, डॉ. मुमताज आदि ने तकरीरें कीं। अंत में मुल्क व कौम की सलामती के लिए हजारों अकीदतमंदों ने हाथ उठाकर दुआएं मांगी। उर्स के दौरान कटौतीमुक्त बिजली सप्लाई देने के लिए राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हाजी रियाज अहमद की प्रशंसा की गई। इस मौके पर सय्यद इज्जत अली, मोईनुद्दीन, अय्यूब, अकील रजा, कमरूद्दीन, अंजुम अली आदि मौजूद रहे।