पीलीभीत/पूरनपुर/न्यूरिया। जिले में सहकारी समितियों पर भरपूर मात्रा में खाद उपलब्ध होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन किसान इन दिनों यूरिया के अभाव में भटकने को मजबूर हैं। बीते दिनों हुई बारिश के बाद से खाद की किल्लत बढ़ गई है। किसानों को गन्ने की फसल के लिए यूरिया खाद की आवश्यकता है।
पूरनपुर में इफ्को और कृभको के खाद विक्रय केंद्रों पर ताले लटके होने के कारण किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। बीसलपुर की चुर्रासकतपुर सहकारी समिति पर शुक्रवार को खाद कम देने को लेकर किसानों व कर्मचारियों में काफी देर तक नोकझोंक होती रही। यही हालत आए दिन इन केंद्रों पर देखने को मिल रहा है।
पूरनपुर क्षेत्र में बारिश के बाद गन्ने की फसल लगाने के लिए किसानों को यूरिया खाद नहीं मिल रही है। समितियों से किसानों को खाद बांटने के आदेश न होने की जानकारी देकर टरकाया जा रहा है। इफ्को, कृभको केंद्र बंद होने से यूरिया लेने के लिए किसान चक्कर काट रहे हैं।
साठा धान के लिए यूरिया प्रतिबंधित तो की गई है, लेकिन जुगाड़ से ऐसे लोगों को यूरिया मिल रही है। वास्तविक किसान यूरिया के लिए भटक रहे है। एडीओ (सहकारिता) प्रदीप कुमार ने दावा किया समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद है। समिति सचिवों को अब यूरिया बांटने को कह दिया गया है। इफ्को केंद्र के संचालक डीसी शुक्ला ने बताया कि वह बैठक में भाग लेने बाहर गए हुए हैं। संवाद
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जिनके खाते नहीं, उन्हें किया जा रहा परेशान
न्यूरिया क्षेत्र में जिन किसानों का समिति में खाता नहीं है, उन्हें यूरिया और डीएपी के लिए भटकना पड़ रहा है। समिति सचिव मो. सलीम का कहना है कि प्रति एकड़ के हिसाब से किसानों को एक कट्टा यूरिया और एक कट्टा डीएपी उपलब्ध कराई जा रही है। अधिक कृषि भूमि वाले किसानों को एक बार में अधिकतम पांच कट्टे डीएपी और सात कट्टे यूरिया दिए जा रहे हैं। दावा किया कि पहली अप्रैल से अब तक 143 कट्टे यूरिया और 189 कट्टे डीएपी की बिक्री हो चुकी है। वर्तमान में समिति पर 743 कट्टे यूरिया और 535 कट्टे डीएपी का स्टॉक उपलब्ध है।
पर्याप्त मात्रा में खाद होने पर नहीं दी, कालाबाजारी का शक
एकड़ के अनुसार दी जा रही खाद, जरूरत अधिक की
बीसलपुर। चुर्रा सकतपुर समिति पर किसानों ने पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं दिए जाने का आरोप लगाया। इस बात को लेकर शुक्रवार को किसानों और समिति के कर्मचारियों के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। बताया गया कि पहली अप्रैल से अब तक 351 बोरी खाद बांटी जा चुकी है।
जसौली दिवाली समिति पर 800 बोरी, ग्यासपुर समिति पर 290 बोरी और गुलैंदा गौंटिया समिति पर 310 बोरी खाद का वितरण अब तक किए जाने का दावा किया गया। पिछले चार दिन लगातार मशीनें नहीं चलीं, जिससे किसानों को खाद नहीं मिल पाई।
अपर जिला सहकारी अधिकारी डीपी आर्य ने बताया कि सभी समितियों पर तीनों प्रकार की खाद भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। प्रत्येक कार्य दिवस में खाद बांटी जा रही है।
चुर्रा सकतपुर समिति पर खाद लेने आए गांव ककरा कला निवासी किसान राजीव कुमार और गांव रिछोला घासी निवासी नीरज कुमार ने बताया कि उन्हें एक एकड़ के हिसाब से केवल एक कट्टा खाद दी गई है, जबकि जरूरत इससे अधिक की है। किसानों ने कहा कि पर्याप्त खाद न मिलने से खेती करना मुश्किल हो रहा है। संवाद
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किसानों का इंतजार बढ़ा
सहकारी समिति के खातेदार हैं। शुक्रवार को पिछली फसल की बकाया धनराशि जमा कर दी है। अब धान रोपाई के लिए सोमवार को खाद मिलने की उम्मीद है।
- शंकर लाल
धान की रोपाई पांच जून से शुरू होने की संभावना है। फिलहाल गन्ने की फसल के लिए यूरिया की जरूरत है। दुकानों पर खाद उपलब्ध न होने के कारण उन्हें शहर से खाद लानी पड़ रही है। सहकारी समिति में खाता नहीं है। इससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- सुमित्तर सिंह
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बारिश के बाद गन्ना की फसल में यूरिया खाद लगानी है। कई दिनों से यूरिया के लिए इफ्को, कृभको केंद्र के चक्कर लगा रहा हूं। कृभको केंद्र कई दिनों से बंद है। इफ्फो केंद्र संचालक आज-कल के लिए यूरिया देने की बात कहकर टरका रहा है। प्राइवेट दुकानों से यूरिया चोरी छिपे ब्लैक में बिक्री हो रही है।
मंजीत सिंह
गन्ना की फसल में यूरिया खाद लगानी है। समितियों पर खाद मिल नहीं रही है। कृभको केंद्र के आठ दिन से चक्कर लगा रहे। कृभको केंद्र खुलता ही नहीं है। अगर शीघ्र यूरिया नहीं मिली तो गन्ने की फसल खराब हो जाएगी।
- रामचंद्र
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जिले की सभी सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। किसानों को खतौनी के आधार पर ही खाद उपलब्ध कराई जा रही है। बड़े किसानों को टुकड़ों में खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अन्य छोटे किसान खाद लेने से वंचित न रह जाए।
- नरेंद्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी
समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध
जिले की सभी सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। किसानों को खतौनी के आधार पर ही खाद उपलब्ध कराई जा रही है। बड़े किसानों को टुकड़ों में खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अन्य छोटे किसान खाद लेने से वंचित न रह जाए।
- नरेंद्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी
पूरनपुर में बंद पड़ा कृभको का केंद्र - संवाद
पूरनपुर में बंद पड़ा कृभको का केंद्र - संवाद
पूरनपुर में बंद पड़ा कृभको का केंद्र - संवाद
पूरनपुर में बंद पड़ा कृभको का केंद्र - संवाद
पूरनपुर में बंद पड़ा कृभको का केंद्र - संवाद
पूरनपुर में बंद पड़ा कृभको का केंद्र - संवाद
पूरनपुर में बंद पड़ा कृभको का केंद्र - संवाद