डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत के बाद परिवार वालों ने जमकर हंगामा किया। चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद महिला को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया। पीड़ित से तहरीर मिलने पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मिलक सरैंदापट्टी गांव निवासी किसान अमित कुमार खेती कर परिवार का भरण पोषण करते है। बुधवार को वह अपनी पत्नी शकुंतला देवी को डिलीवरी के लिए सीएचसी ले गए थे। आरोप है कि यहां से एक आशा कार्यकत्री उनको कस्बे के निजी चिकित्सक में ले गई। जहां गर्भवती को भर्ती करा दिया गया। दोपहर करीब दो बजे डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत हो गई। आरोप है कि इलाज में लापरवाही के चलते बच्चे की जान गई है। घटना के बाद एकत्र हुए परिवार के लोगों ने आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। बाद में महिला को इलाज के लिए जिला महिला अस्पताल भेज दिया गया। एसओ जितेंद्र यादव ने बताया कि पति अमित कुमार की ओर से चिकित्सक के खिलाफ तहरीर दी गई है।
बाहर से दवा लिखने का आरोप, हंगामा
बीसलपुर। जन अधिकार मंच के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने बाजार से दवा लिखने पर बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में काफी हंगामा किया।
जन अधिकार मंच के जिलाध्यक्ष मनोज कुशवाहा और जन अधिकार मंच (युवा प्रकोष्ठ) के जिलाध्यक्ष अनिल चौहान बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे और हंगामा करने लगे। इन नेताओं का आरोप था कि स्वास्थ्य केंद्र में अधिकांश मरीजों को दवा लिखा पर्चा थमा दिया जाता है और उन्हें बाजार से दवा खरीदने का सुझाव दिया जाता है। स्वास्थ्य केंद्र में आने वाली दवाइयां ब्लैक कर दी जाती हैं। नेताओं ने 20 मिनट बाद हंगामा तब खत्म किया, जब स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. ठाकुरदास ने उनकी शिकायत अतिशीघ्र दूर कराने का आश्वासन दिया। हंगामे के दौरान मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई थी।