पूरनपुर। सफाई कर्मचारी नेताओं से अभद्रता और दो सफाई कर्मियों की पिटाई के विरोध में मंगलवार को सफाई कर्मियों और समाज के लोगों ने नगर पालिका कार्यालय में जमकर हंगामा किया, इस दौरान उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। आक्रोशित लोग चेयरमैन और अन्य आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे। एसडीएम और तहसीलदार की भी नहीं सुनी। बाद में जिला पंचायत अध्यक्ष के पति, प्रांतीय व्यापारी नेता और अफसरों की मौजूदगी में हुई बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।
सफाई कर्मचारी नेता महेंद्र, श्यामबाबू, राहुल, सोमपाल आदि ने बताया कि ठेके पर लगाए गए अमन, राधे, पारस को चेयरमैन ने कुछ दिन पहले हटा दिया था। जिनको दोबारा काम पर रखने के लिए मंगलवार को चेयरमैन से वार्ता करने नगर पालिका कार्यालय गए। आरोप है कि चेयरमैन ने तीनों युवकों को काम पर न रखने की बात कहकर अभद्रता शुरू कर दी।
यही नहीं चेयरमैन और उनके सुरक्षा गार्डों ने धक्कामुक्की कर कार्यालय से बाहर निकाल दिया। आरोप है कि संविदा कर्मचारी अमर को हाथों पर धारदार हथियार से वार कर घायल कर दिया गया। चेयरमैन ने रिवाल्वर दिखाकर धमकाया। इसी बात पर सफाई कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा।
जिसके बाद उन्होंने कार्यालय में घुसकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को बमुश्किल कार्यालय से बाहर निकाला। सफाई कर्मचारी चार घंटे तक नगर पालिका कार्यालाय में हंगामा करते रहे। नगर पालिका कार्यालय में घुसने की कोशिश की जाती रही। रोकने में जुटे पुलिसकर्मियों से कई बार नोकझोंक हुई।
सूचना पर तहसीलदार वीरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन हंगामा कर रहे कर्मचारी चेयरमैन को कार्यालय से बाहर बुलाने, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजने की मांग पर अड़े रहे। एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला के समझाने पर भी नाराज कर्मचारी नहीं माने।
इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष के पति गुरभाग सिंह, प्रांतीय व्यापारी नेता हंसराज गुलाटी, अशोक खंडेलवाल, प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संजय सक्सेना ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सफाई कर्मचारियों के महामंत्री श्याम बाबू को बुलाकर वार्ता की। सभी लोग नगर पालिका कार्यालय पहुंचे।
यहां कर्मचारी नेताओं से वार्ता के बाद विवाद निपट गया। कर्मचारी नेताओं ने हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा रखने के अलावा निजी कार्य न कराने की मांग की। एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि वार्ता के बाद विवाद को निपटवा दिया गया है।
दो थानों की बुलानी पड़ी फोर्स
आक्रोशित सफाई कर्मचारी नगर पालिका गेट के सामने से हटने का नाम नहीं ले रहे थे। वे कार्यालय में घुसकर मारपीट न करें। इसको लेकर कई दरोगा और सिपाही तैनात रहे। घुंघचाई और माधोटांडा पुलिस को भी मौके पर बुला लिया गया।
चार घंटे तक रही जाम की स्थिति
आक्रोशित कर्मचारी चार घंटे तक नगर पालिका गेट पर हंगामा करते रहे तो कुछ कर्मचारी नगर पालिका कार्यालय के अलावा ब्लाॅक चौराहा पर चारों ओर खड़े रहे। इससे चार घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
बंद हो गई नगर पालिका कांप्लेक्स की दुकानें
नगर पालिका कार्यालय दूसरी मंजिल पर है। उसके नीचे नगर पालिका का कांप्लेक्स बना है। जिसमें कई दुकानें है। सफाई कर्मचारियों के हंगाके कारण अधिकतर दुकानें घंटों बंद रहीं।
हटाए गए ठेका कर्मचारियों को रखने के लिए वार्ता को आए सफाई कर्मचारी नेताओं को ऊंची आवाज में बात न करने के लिए कहा गया। इस पर उन्होंने एक ठेकेदार की पिटाई कर दी। मारपीट कर घायल करने के अलावा सभी आरोप निराधार है। कार्यालय का शीशा टूटकर लगने से एक युवक घायल हुआ है। खास लोगों की मौजूदगी में हुई वार्ता के बाद विवाद निपट गया है।
-शैलेंद्र गुप्ता, चेयरमैन
नगर पालिका गेट पर आक्रोशित कर्मचारियों को समझाते एसडीएम और तहसीलदार।संवाद
नगर पालिका गेट पर आक्रोशित कर्मचारियों को समझाते एसडीएम और तहसीलदार।संवाद
नगर पालिका गेट पर आक्रोशित कर्मचारियों को समझाते एसडीएम और तहसीलदार।संवाद