फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: नामकरण संस्कार में पलिया जा रहे मामा-भांजे की हादसे में मौत

विज्ञापन
शंभू फाइल फोटो।
विज्ञापन
पूरनपुर-मैलानी (खीरी)। नामकरण संस्कार में शामिल होने बाइक से पलिया जा रहे पीलीभीत जिले के निवासी मामा-भांजे की सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा मैलानी-भीरा मार्ग पर जंगल में किसी वाहन से टकराने से हुआ। लखीमपुर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद दोनों शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया।
विज्ञापन


पीलीभीत जिले के पूरनपुर थाना क्षेत्र के गांव गजरौला निवासी दिनेश कुमार (40) पुत्र नन्हेलाल अपने मामा शम्मू लाल (60) निवासी जटपुरा थाना पूरनपुर जिला पीलीभीत के साथ बाइक से सोमवार की शाम पलिया जा रहे थे। मैलानी-भीरा मार्ग पर जंगल में वन बैरियर दमहा पुलिया के पास उनकी बाइक सड़क किनारे दलदल युक्त पानी में जा गिरी।
बताया जा रहा है कि बाइक किसी अज्ञात वाहन से टकरा गई थी। पानी में डूबी बाइक का जलता इंडीकेटर और पानी में दो लोगों को पड़ा देख किसी राहगीर ने पुलिस को सूचना दी। प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर दोनों को पानी से मरणासन्न हालत में निकाला गया।
विज्ञापन

एंबुलेंस से सीएचसी बांकेगंज भिजवाया गया। जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। उनके पास से मिले मोबाइल से परिजनों को हादसे की सूचना दी गई। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। दिनेश के भाई राम किशोर ने बताया कि संभवत: किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक खंती में जा गिरी, जिससे हादसा हो गया। सूचना पर पूरनपुर से परिजन भीरा के लिए रवाना हुए।
मामा-भांजे की मौत की सूचना पर मामा और उसके भांजे के घर करीबियों की भीड़ लग गई। मामा और भांजे के गांव की दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर है। शंभू के रिश्ते के पौत्र शिवा ने बताया कि परिजन मंगलवार शाम को शव लेकर लखीमपुर से रवाना हो गए हैं।


पोती के नामकरण संस्कार में जा रहे थे शम्मू लाल
मृतक शम्मू लाल की पोती का पलिया में नामकरण संस्कार था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वह अपने भांजे दिनेश के साथ जा रहे थे। रास्ते में हादसा हो गया और दोनों की जान चली गई। खुशी का माहौल मातम में बदल गया।
-

दिनेश के परिवार पर मंडराया आर्थिक संकट, दिल्ली में था बेटा

हादसे में जान गंवाने वाला दिनेश मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। दिनेश की चार संतानों में तीन पुत्रियां और एक पुत्र कमल है। दिनेश की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उसकी पत्नी की लगभग 15 वर्ष पहले ही मौत हो चुकी है। माता गोमती देवी बच्चों को पाल-पोस रहीं हैं। अब दादी ही बच्चों का सहारा हैं। दिनेश का इकलौता बेटा कमल (18) परिवार की माली हालत देख कम उम्र में ही कमाने के लिए दिल्ली गया था। हादसे की खबर पाकर वह मंगलवार की सुबह घर पहुंचा। दिनेश दो भाइयों में बड़ा था। उसका छोटा भाई राजू है। इसके अलावा उसकी चार बहनें हैं। शम्मू लाल छह भाइयों में कामता और मिलटन से बड़े जबकि जिंदल, मनोहर, जालिम से छोटे थे। शम्मू लाल के एक पुत्र विनय और दो पुत्रियां हैं। तीनों की शादी हो चुकी है।

शंभू फाइल फोटो।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें