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बिजलीघर में हंगामा जेई को बनाया बंधक

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लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था से क्षुब्ध किसानों ने बिजली घर पहुंचकर नारेबाजी कर धरना दिया। गुस्साएं किसानों ने जेई को बंधक बना लिया। एसडीओ के आश्वासन पर किसानों ने जेई को करीब दो घंटे बाद छोड़ दिया। किसानों ने समस्या का जल्द समाधान न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
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अमरिया बिजली घर में चार फीडर स्थापित कर क्षेत्र को बिजली सप्लाई की जाती है। उडरा फीडर से जुड़े गांवों में अकसर बिजली सप्लाई ठप रही है। बिजली लाइन जर्जर होने से लोकल फाल्ट भी होते रहते हैं। इसके चलते किसानों को नाममात्र की बिजली मिल पा रही है। समस्याओं को लेकर पखवारे भर पूर्व किसानों ने बिजली घर पर प्रदर्शन कर आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की थी। ईई ने पांच दिन के भीतर व्यवस्था सुचारु कराने का आश्वासन दिया था।
जब पांच दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो उडरा फीडर से जुड़े कई गांवों के किसानों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। किसान बिजलीघर पर आए और नारेबाजी कर धरना शुरू कर दिया। किसानों ने बिजली घर में मौजूद जेई कुलवंत सिंह को बंधक बनाकर बीच में बिठा लिया। किसानों का कहना था कि एक तो मौसम की मार वह झेल ही रहे हैं, ऊपर से बिजली सप्लाई भी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में वह बर्बाद हो जाएंगे।
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इस बीच जेई ने दूरभाष पर एसडीओ को सारी जानकारी दी। एसडीओ संजय सक्सेना ने 19 सितंबर से जर्जर बिजली लाइन बदलने की बात कही। एसडीओ के आश्वासन पर किसानों ने जेई को छोड़ दिया। इस मौके पर संतोख सिंह, सर्वदत्त सिंह, पलविंदर सिंह, सतनाम सिंह, सर्वजीत सिंह, चरनजीत सिंह, साहब सिंह, अमरजीत सिंह,  लाल सिंह, अंग्रेज सिंह, सुखदेव सिंह, गुरमेल सिंह,  जितेंद्र सिंह, गुरदेव सिंह आदि किसान शामिल रहे।

बिजलीघर में आठ एमबीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। जबकि कनेक्शन क्षमता से अधिक है। ऐसे में ओवरलोडिंग से बचने को सभी फीडरों को अलग अलग सप्लाई की जाती है। पांच एमबीए क्षमता का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगने के बाद ही समस्या दूर हो सकती है।
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- कुलवंत सिंह, अवर अभियंता
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