उपाधि महाविद्यालय के समीप विवादित भूखंड की राजस्व विभाग द्वारा पूर्व में पैमाइश की गई थी। पैमाइश के बाद बाउंड्रीवॉल निर्माण को 39 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई। निर्माण का जिम्मा समाज कल्याण निर्माण निगम को सौंपते हुए 19 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई। कार्यदायी संस्था के एक्सईएन ने भूमि का निरीक्षण किया। इसके बाद राजस्व विभाग को डिमार्केशन करना था।
इसके लिए 21 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई थी लेकिन राजस्व विभाग की टीम के न पहुंचने के चलते अगली तिथि 25 जनवरी तय की गई। रविवार को तहसीलदार इंद्रकांत द्विवेदी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम महाविद्यालय पहुंची। समाज कल्याण निर्माण निगम के अफसरों को भी सूचना दी गई। फिर निर्माण निगम के एई व महाविद्यालय के प्रवक्ताओं के साथ भूमि का चिन्हांकन शाम तक पूरा कर लिया।
इस मौके पर प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, न्यायिक नायब तहसीलदार अरुण मणि त्रिपाठी, डॉ. विनय गुप्ता, डॉ. मदन कुमार आदि मौजूद रहे। प्राचार्य ने बताया कि बाउंड्रीवॉल को लेकर राजस्व विभाग द्वारा नापजोख पूरी कर ली गई है। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में हुई। अब जल्द ही बाउंड्रीवॉल का निर्माण शुरू कराया जाएगा।