टाइगर रिजर्व जंगल की सीमा एक ओर उत्तराखंड और दूसरी ओर नेपाल की शुक्ला फांटा सेंच्युरी से जुड़ी होने के चलते उत्तराखंड की सुरई रेंज और पीलीभीत के वनकर्मियों ने संयुक्त रूप से पेट्रोलिंग शुरू की है। शारदा डैम में भी मोटर वोट से पेट्रोलिंग की जा रही है। ताकि बरसात के दौरान जंगल में शिकारियों की घुसपैठ को रोका जा सके।
बरसात के दौरान जंगल में शिकारियों की घुसपैठ रोकने के लिए टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश के निर्देश पर महोफ रेंज के वनकर्मियों ने उत्तराखंड सीमा से जुड़ी सुरई रेंज के वनकर्मियों के साथ पेट्रोलिंग शुरू की है। मालूम हो कि पिछले सालों में शिकारी उत्तराखंड की सीमा से प्रवेश कर शिकार की घटनाओं को अंजाम देने में कामयाब हो गए थे। इसके बाद शिकारियों का एक गैंग पकड़ा भी गया था। इधर बंगाली कॉलोनियों के कुछ शिकारी छोटी नावों के सहारे शारदा डैम से होकर शिकार करते रहे हैं। इस कारण महोफ रेंज के वनकर्मी मोटर वोट से शारदा डैम में पेट्रोलिंग कर रहे हैं। मछलियों के प्रजनन काल के चलते शारदा डैम से मछली पकड़ने पर भी पाबंदी लगी दी गई है।
टाइगर रिजर्व का इलाका नेपाल की शुक्ला फांटा सेंच्युरी से सटा है। इस क्षेत्र में एसएसबी की बीओपी चौकियां तो हैं लेकिन वर्षा के चलते जवान बाढ़ की चपेट में न आ जाएं इसलिए उनको शारदा नदी के इस पार रहकर पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। महोफ रेंज के प्रभारी रेंजर मोबीन आरिफ कहते हैं कि सुरई रेंज के वनकर्मियों के साथ उत्तराखंड की सीमा से सटे जंगल में लगातार संयुक्त रूप से पेट्रोलिंग कराई जा रही है। शारदा डैम में वनकर्मियों के साथ वह खुद मोटर वोट से पेट्रोलिंग कर रहे हैं।