केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने कहा कि केंद्र
सरकार द्वारा शुरू की गई ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ के तहत उत्तर प्रदेश के
सभी जिलों में शीघ्र ही बालिकाओं के खाते खोले जाने का काम शुरू हो जाएगा।
सभी आय वर्ग के परिवार अधिकतम दो बालिकाओं के लिए यह खाते खुलवा सकेंगे। 21
वर्ष की आयु पूरी होने पर खाते में जमा रकम बालिकाओं को 9.1 प्रतिशत ब्याज
के साथ वापस कर दी जाएगी। खाता खोले जाने में किसी तरह की असुविधा न हो
इसके लिए वह शीघ्र ही बैंकों को आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी कर रहीं हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की यह योजना बालिकाओं को समृद्धि प्रदान करने
में महती भूमिका निभाएगी।
तीन दिनी दौरे पर यहां पहुंची मेनका गांधी ने
बताया कि केंद्र सरकार ने हरियाणा से इस योजना की शुरूआत की है। उन्होंने
बताया कि केंद्र सरकार की इस योजना पर यूपी के भी सभी जिलों में बालिकाओं
के लिए खाते खोलने का काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा। मेनका ने बताया कि
बच्ची के जन्म से लेकर 10 साल तक की आयु की बालिकाओं के माता-पिता अथवा
संरक्षक न्यूनतम 1,000 (एक हजार) रुपये से खाता खुलवा सकते हैं। खाता खोलने
की तिथि से 14 वर्ष तक न्यूनतम एक हजार रुपये से लेकर अधिकतम 1.50 लाख
रुपये तक की धनराशि प्रति वर्ष जमा की जा सकेगी।
जमा धनराशि पर 9.1 प्रतिशत
की दर से ब्याज दिया जाएगा। साथ ही आयकर से भी इसमें छूट मिलेगी। सभी आय
वर्ग के परिवार अधिकतम दो बालिकाओं के लिए यह खाता खोल सकते हैं, लेकिन
जुड़वा बालिका होने की दशा में तीसरा खाता भी खोला जा सकता है। एक बालिका
के नाम केवल एक ही खाता खोला जा सकेगा। बालिका के दस वर्ष की आयु तक खाता
खोलना व संचालन करने का काम माता-पिता अथवा संरक्षक द्वारा किया जा सकेगा।
इसके बाद बालिका स्वयं खाता संचालित कर सकेगी।
बालिका के 18 वर्ष की होने
पर खाते में जमा धनराशि की 50 प्रतिशत धनराशि आवश्यकता पड़ने पर निकाली जा
सकती है। बालिका की मृत्यु पर अभिभावक को खाता बंद कर उसमें जमा धनराशि का
ब्याज समेत भुगतान कर दिया जाएगा। यदि किसी खाता धारक बालिका का विवाह 21
साल की उम्र से पहले किया जाता है तो विवाह की तिथि के बाद से खाता चालन की
अनुमति नहीं होगी।