लखनऊ से आए किसान सहकारी चीनी मिल संघ (फेडरेशन) के मुख्य गन्ना विकास सलाहकार ने सोमवार को चीनी मिल का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं। मिल गेट स्थित क्रय केंद्र पर मानक विपरीत गन्ना देख बिफर गए और उसको लौटा दिया। मुख्य गन्ना विकास सलाहकार डॉ.आरसी पाठक ने निरीक्षण की शुरुआत केनयार्ड, कारखाना, प्रयोगशाला, चीनी गोदाम से की। इसके बाद वह चूना भट्टी, बैगार परिसर में पहुंचे। प्रशासनिक कार्यालय पहुंचकर अभिलेखों को भी चेक किया। मौजूदा कर्मचारियों व अधिकारियों से कार्यों से संबंधित जानकारी की गई और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जीएम नरेंद्र राय ने बताया कि अब तक 11.25 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। 89 हजार क्विंटल चीनी बन चुकी है। 16 दिसंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान हो चुका है। दैनिक रिकवरी 8.80 प्रतिशत व औसत रिकवरी 8.74 प्रतिशत है। मिल गेट स्थित बैलगाड़ी क्रय केंद्र के निरीक्षण के दौरान एक बैलगाड़ी पर जड़, अगौला और मिट्टी युक्त गन्ना भरा हुआ मिला। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए गन्ना वापस कर दिया। किसानों ने 16 दिसंबर के बाद खरीदे गए गन्ने का भुगतान कराने की मांग की। इसके बाद दोपहर में अतिथि गृह में मिल अफसरों संग समीक्षा बैठक की। जिसमें जीएम के अलावा चीफ इंजीनियर योगेश गुप्ता, चीफ एकाउंटेंट राकेश खंडेलवाल, सीसीओ सेवकराम सिंह, गन्नाधिकारी नीरज शुक्ला और कंप्यूटर खंड प्रभारी जीसी लखेरा मौजूद थे।