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नदी में फेंका जा रहा हर रोज कई टन कूंड़ा

Mon, 09 Jan 2017 11:03 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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नदी में फेंका जा रहा हर रोज कई टन कूंड़ा
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जिले की लाइफ लाइन कही जाने वाली देवहा और गोमती नदी के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इसमें प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है जब कि पानी घट रहा है। स्थानीय प्रशासन, राजनेता और स्वयंसेवी संगठन सभी ने इसकी तरफ से मुंह मोड़ रखा है। क्षेत्रीय लोग भी नदी को लेकर उदासीन हैं।
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देवहा में फेंका जा रहा शहर का कूड़ा 
जिले के ड्यूनीडाम से निकलने वाली देवहा नदी शाहजहांपुर की रामगंगा में जाकर मिलती है। देवाहुति गंगा के नाम से प्रसिद्ध इस नदी को लगातार प्रदूषित किया जा रहा है। रोजाना शहर का कई टन कूड़ा इसमें डाला जा रहा है। वहीं शहर के गंदे पानी को एक नाले के जरिए इसमें मिलाया जा रहा है। यह हाल तब है जब इसकी आस्था से जुुड़े हजारों लोग साल में दो बार इसमें डुबकी लगाते हैं।
गोमती के चौड़ीकरण के लिए नहीं मिला बजट
लखनऊ को शुद्ध पानी व 13 जिलों को सिंचाई का पानी मुहैया कराने वाली गोमती नदी की राह में ही खेती की जाने लगी है। नदी के 17वें किमी तक इसकी राह में कई किसान खेती कर रहे है। जिला प्रशासन देरी से चेता, लेकिन अब मामला कोर्ट में है। करीब साल भर पहले पीलीभीत-शाहजहांपुर सीमा तक गोमती के चौड़ीकरण के लिए 5.18 करोड़ का प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ, लेकिन अब तक बजट रिलीज नहीं हुआ। 
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एनजीटी की तर्ज पर प्रदूषण बोर्ड करे कार्य
इसके लिए भारत सरकार सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। प्रदेश का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सिर्फ नाम का है। यदि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की तरह यूपी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्य करे तो यह दोनों समस्याएं आसानी से हल की जा सकती हैं। इसमें स्थानीय लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी।
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- टीएच खान, पर्यावरणविद
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