आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन व प्राथमिक शिक्षामित्र शिक्षक संघ की संयुक्त बैठक में हाईकोर्ट के फैसले को एकतरफा बताते हुए रोष जताया। तय हुआ कि शिक्षामित्र 14 सितंबर को डीएम को ज्ञापन सौंपकर सामूहिक इच्छा मृत्यु की मांग करेंगे।
हाईकोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाने के राज्य सरकार के फैसले को असंवैधानिक करार देने के फैसले के बाद जिले के समायोजित शिक्षकों व शिक्षामित्रों में खलबली मची हुई है। शिक्षामित्र संगठन अब समयोजित शिक्षकों व शिक्षामित्रों को एकजुट करने में लग गए हैं। शहर के रामलीला मैदान में रविवार को आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन व प्राथमिक शिक्षामित्र शिक्षक संघ की संयुक्त बैठक हुई। जिसमें कहा गया कि शिक्षामित्रों को लेकर जो फैसला हाईकोर्ट से दिया गया है वह पूरी तरह से एकतरफा फैसला है। कोर्ट ने शिक्षामित्रों के पिछले डेढ़ दशक से ईमानदारी से किए गए शिक्षण कार्य को दरकिनार करते हुए फैसला सुनाया है। शिक्षामित्र व समायोजित शिक्षक निराश न हो। प्रत्येक शिक्षामित्र के अध्यापक बनने तक संघर्ष जारी रहेगा। कहा कि संगठन अब हाईकोर्ट के फैसले के विपरीत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगा। शिक्षामित्र कोई गलत कदम उठाने का प्रयास न करें। तय हुआ कि 14 सितंबर को सभी शिक्षामित्र व समायोजित शिक्षक नेहरू पार्क में एकत्र हाेंगे और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश व राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर सामूहिक इच्छा मृत्यु की मांग करेंगे। संगठन के नेताओं ने कहा कि शिक्षामित्र व समायोजित शिक्षक विद्यालय न जाकर उपरोक्त कार्यक्रमानुसार एकत्र हो।
इस मौके पर आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोएिशन के अध्यक्ष महेंद्र पाल वर्मा, प्राथमिक शिक्षामित्र शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राम सिंह राठौर, राजेंद्र गंगवार, तीर्थदेव शर्मा, वीर सिंह गंगवार, हरिओम पांडेय, अमरदीप, नीरज गंगवार, मदनलाल गंगवार, वीरपाल सिंह, भागीरथ, अल्पना गंगवार, द्रोपदी, सुनीतापाल, नजमा सल्तनत, तरन्नुमजहां, गुरविंदर कौर, भुवनेश्वरी शर्मा, सुनीता देवी, शबीना बेगम, मुन्ने अली, परमेश्वरी दयाल, सनोवरजहां, फूलमती आदि मौजूद रहे।