पीलीभीत सितारगंज हाइवे का अधर में लटका काम दोबारा शुरू होने के आसार बन रहे हैं। बुधवार को नेशनल अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सीजीएम कर्नल खुशवंत सिंह पीलीभीत पहुंचे और केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधि केसाथ निर्माणाधीन मार्ग का दौरा किया। वहीं खादी एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री का दावा है उनके धरना देने की चेतावनी पर टीम निरीक्षण को पहुंची है।
बरेली से हरिद्वार तक बनने वाले नेशनल हाइवे का काम पिछले कई सालों से चल रहा है। लेकिन विभाग की लेटलतीफी से मार्ग का निर्माण क्षेत्रवासियों के लिए मुसीबत बना हुआ है। मार्ग निर्माण में हो रही देरी पर बार-बार लिखा पढ़ी की जा रही है। इस पर बुधवार को एनएचआई की टीम सीजीएम के साथ पीलीभीत पहुंची। यहां उन्होंने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के प्रवक्ता एमआर मलिक और प्रतिनिधि जेवीएस परिहार के साथ हाइवे निर्माण की स्थिति देखी।
उन्होंने बताया कि पीलीभीत से सितारगंज तक 76 किमी बनने वाले इस मार्ग पर 280 करोड़ की लागत आएगी। पहले इसका काम उप्र के पीडब्ल्यूडी के नेशनल हाइवे विभाग से बनना था लेकिन देरी होने के बाद अब स्टेट से काम वापस लेकर एनएचएआई को सौंप दिया गया है। निरीक्षण के दौरान मार्ग की दशा देखकर उन्होंने संबधित अधिकारियों को फटकार लगाई और युद्धस्तर पर काम शुरू करने के निर्देश दिए।
उधर, खादी एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद ने पत्रकार वार्ता में बताया कि मार्ग की दुर्दशा पर उन्होंने तीन अगस्त को भूतल परिवहन मंत्री भारत सरकार को पत्र भेजकर आठ अगस्त तक काम शुरू न कराने पर नौ अगस्त को एक दिवसीय धरना देने की चेतावनी दी थी। उनकी चेतावनी पर टीम अधूरे मार्ग के निर्माण से पूर्व निरीक्षण को पहुंची है।