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Pilibhit News: निर्माणाधीन पुलिया और सड़क के पास रेडियम पट्टी न अवरोधक, कोहरे में बढ़ा खतरा

Tue, 16 Dec 2025 10:59 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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पीलीभीत। जिले में कोहरे का कहर शुरू हो गया है। शाम होते ही कोहरे की चादर छा जाती है। दृष्यता कम होने से सफर में जोखिम बढ़ गया है। जिले में निर्माणाधीन पुल-पुलिया, सड़क मरम्मत आदि स्थानों पर संकेतक, अवरोधक व अन्य सुरक्षा कार्य न होने से हादसों की संभावना और ज्यादा हो गई है। रविवार की देर रात माधोटांडा मार्ग पर एक डीसीएम निर्माणाधीन सड़ा पुलिया में जा गिरी और सरियोंं में फंस गई थी। अंदर फंसे हेल्पर को निकालने के लिए डीसीएम को काटना पड़ा था। लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अब तक बेपरवाह हैं। हालांकि, जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने इन स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य कराने को लेकर पीडब्ल्यूडी के अफसरों कोे सख्त हिदायत दी है।
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जिले में कई दिनों से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही थी, लेकिन तीन दिन पूर्व से कोहरे का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। दिन में दोपहर तक और शाम को सात बजे से ही कोहरा पड़ने लगता है। वाहनों के पहिये धीमे हो जाते हैं। वाहन के चालक संकेतक, रेडियम पट्टी, सड़क पर सफेद पट्टी और अवरोधक के भरोसे ही वाहनों का संचालन करते हैं। जिले की बात करें तो कई प्रमुख मार्ग हैं। जिन पर पुल-पुलियों और सड़क की मरम्मत आदि का कार्य हो रहा है। संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था की ओर से निर्माणाधीन क्षेत्र में सूचना बोर्ड तो लगाए गए, लेकिन कोहरे में नजर आने वाली रेडियम पट्टी और अवरोधक नहीं बनाए। इन स्थानों पर सफेद पट्टी व अन्य सुरक्षा इंतजाम भी गायब हैं।
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हादसे के बाद जागे जिम्मेदार, अवरोधक के साथ लगवाई रेडियम पट्टी
माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर रविवार की देर रात डीसीएम निर्माणाधीन सड़ा नाला पुलिया में गिर गई थी। हादसे में हेल्पर गंभीर घायल हुआ था। चालक को हल्की चोट आई। हादसे का कारण निर्माणाधीन क्षेत्र में अवरोधक और रेडियम पट्टी न लगी होना बताया गया। मामले का डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने संज्ञान लिया और लोक निर्माण के अधिशासी अभियंता राजेश चौधरी को व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। इसके बाद मंगलवार को विभाग हरकत में आया। कार्यदायी संस्था की ओर से निर्माणाधीन पुलिया के क्षेत्र में अवरोधक के साथ रेडियम पट्टी भी लगवाई गई।
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जमुनिया गांव की पुलिया के पास जोखिम बरकरार
पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग पर जमुनिया गांव के पास की पुलिया वर्ष 2024 की बाढ़ में कट गई थी। विभाग ने मिट्टी डलवाकर आवागमन शुरू करा दिया। पुलिया का निर्माण अब तक नहीं हो सका। पुलिया के पास अवरोधक और रेडियम पट्टी न लगी होने से हादसे का खतरा मंडरा रहा है। विभाग के अफसर अनजान बने हैं।

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दियोरिया-दौलतपुर पट्टी मार्ग की निर्माणाधीन पुलिया के पास भी खतरा
बरखेड़ा। दौलतपुर पट्टी से दियोरिया जाने वाली सड़क पर गांव पैतबोझी के पास पिछले वर्ष बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई पुलिया का निर्माण दो माह पूर्व शुरू हुआ। जो अभी चल रहा है। पुलिया के पास मिट्टी और थाेड़े रोड़े डालकर वैकल्पिक मार्ग बनाया गया। अधूरे कार्य के चलते गन्ने लदे वाहनों के पलटने का खतरा बना रहता है। वहीं निर्माणाधीन क्षेत्र में अवरोधक और रेडियम पट्टी न लगी होने से कोहरे में हादसों का खतरा भी मंडराने लगा है। इस मार्ग से करीब 20 गांव की आबादी जोखिम के बीच गुजरने को मजबूर हैं। संवाद

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सुरक्षात्मक कार्य की अनदेखी बढ़ा रही जोखिम
घुंघचाई। घुंघचाई-बंडा हाईवे पर कसगंजा, बलरामपुर, गुलडिया भूपसिंह, कनपारा, घुंघचाई आदि क्षेत्रों में तीव्र मोड़ होने के बाद भी अब तक कोई संकेतक नहीं लगाया गया है। इन मोड़ों पर प्रकाश की व्यवस्था भी नहीं है। 24 नवंबर को बंडा निवासी बाइक सवार विजय, उनकी पत्नी आरती और पुत्र राज कसगंजा मोड़ पर सुबह कोहरा के कारण खाई में गिरकर घायल हो गए थे। उधर, घुंघचाई-दियोरिया मार्ग पर बरसात के समय सड़क कट गई थी। बीच में कई फुट का गड्ढा हो गया। कटी सड़क के पास भी कोई संकेतक या सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराया गया है। संवाद

वर्जन
कोहरे में हादसों की रोकथाम के लिए जिले में प्रमुख मार्गों पर निर्माणाधीन स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने को लेकर लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया है। पीलीभीत-बरेली हाईवे पर जहानाबाद मोड़ व अन्य स्थानों पर लगी स्ट्रीट लाइटों के संबंध में एनएचएआई केे अफसरों को निर्देश दिए गए हैं।- ज्ञानेंद्र सिंह, जिलाधिकारी
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