उलमा और अन्य लोगों ने शाहगढ़ में नमाज को लेकर हुई घटना की निंदा की। मुख्यमंत्री को संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम कार्यालय में सौंपा। ज्ञापन में गांव कल्यानपुर और शाहगढ़ में नमाज अदा करने की इजाजत देने, शाहगढ़ से पलायन कर गए लोगों को वापस बुलाकर उन्हें सुरक्षा देने, अशांति पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग की।
भारतीय उलमा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाफिज मोहम्मद असलम नूरी के नेतृत्व में सोमवार को उलमा और अन्य लोगों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर शाहगढ़ और कल्यानपुर में नमाज पढ़ने से रोकने की घटना की निंदा की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कार्यालय में सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि भारत धर्मनिरपेक्ष देश है। इसमें सभी धर्मों को अपनी पूजा करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। गांव कल्यानपुर और शाहगढ़ में नमाज को लेकर बवाल एक समुदाय के लोगों में चिंता का विषय बना हुआ है। गांव में रहने वाले लोग नमाज अदा करने को कहां जाए? नमाज को लेकर कुछ लोगों द्वारा पैदा किया जा रहा विरोध समस्या का समाधान नहीं है। गांवों में नमाज पर प्रतिबंध लगाना असंवैधानिक है। ज्ञापन में गांव कल्यानपुर और शाहगढ़ में लोगों को मस्जिद में नमाज अदा करने की इजाजत देने, गांव शाहगढ़ से पलायन कर गए लोगों को वापस बुलाकर उन्हें सुरक्षा देने, अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में हाफिज मोहम्मद असलम नूरी, हाफिज मोहम्मद उस्मान, मौलाना फजले अहमद नूरी, हफिज नईम खां, हाफिज मोहम्मद जकी खां, हाफिज कमर महबूब, हाफिज मुतीब रजा, हाफिज शाकिर खां, हाफि मुश्ताक, हाफिज तसलीम, हाफिज मुमताज, हाफिज इब्ने हसन, हाफिज शमशाद, हाजी लाडले, नसीम खां, हनीफ रजा आदि थे।