परीक्षा का पेपर लेकर आए बोर्ड मुख्यालय इलाहाबाद के दो कर्मचारियों को बंधक बनाने के मामले मेें डीआईओएस ने जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज के दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। डीआईओएस के मुताबिक इस मामले में जांच अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। इन कर्मचारियों ने किसके कहने पर मुख्यालय कर्मियों को बंधक बनाया, अभी इसका खुलासा नहीं हो सका है।
घटना शनिवार रात करीब दस बजे के बाद की है। यूपी बोर्ड इलाहाबाद के प्रबंध अनुभाग में कार्यरत उर्मिलेश कुमार व रमेश कुमार बोर्ड परीक्षा के पेपर लेकर ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज पहुंचे। इस कॉलेज को बोर्ड परीक्षा का संकलन केंद्र बनाया गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पेपर रिसीव करने की कार्रवाई सुरेंद्र बाबू द्वारा की गई। आरोप है कि इस बीच बेवक्त पेपर लेकर आने की बात से खफा होकर प्रधानाचार्य श्यामा कुमार के कहने पर रात्रि ड्यूटी में तैनात चतुर्थश्रेणी कर्मचारी रवि कश्यप व दिनेश ने बोर्ड मुख्यालय से आए दोनों कर्मचारियों को एक कमरे में बंधक बना लिया गया। उनके मोबाइल फोन छीनकर स्वीच ऑफ कर दिए गए। बताते हैं कि रविवार सुबह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा ही इन दोनों कर्मचारियों को बंधनमुक्त किया गया। बंधनमुक्त होने के बाद दोनों कर्मचारी डीआईओएस कार्यालय पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी देने के साथ उन्होंने इलाहाबाद बोर्ड मुख्यालय के साथी कर्मचारियों को भी इसके बारे में बताया। बताते हैं कि साथी कर्मचारियों ने पूरे मामले से यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव को अवगत कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बोर्ड सचिव ने इस पूरे मामले में डीआईओएस राजेश कुमार वर्मा से रिपोर्ट मांगी।
इधर चूंकि मामला बोर्ड मुख्यालय से जुड़ा था। मामले की जांच आदि को लेकर डीआईओएस कार्यालय सोमवार रात 12 बजे तक खुला रहा। डीआईओएस राजेश कुमार वर्मा ने प्रथम दृष्टया जांच में ड्रमंड कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रवि कश्यप व दिनेश को दोषी पाया। उन्होंने दोनों दोषी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। निलंबित कर्मचारी रवि कश्यप को राजकीय इंटर कॉलेज गभिया सहराई व दिनेश को राजकीय इंटर कॉलेज अमरिया से संबद्ध किया गया। डीआईओएस के मुताबिक मामले की जांच को जांच अधिकारी नियुक्त किया जा रहा है। इन दोनों कर्मचारियों ने किसके कहने पर बोर्ड मुख्यालय के कर्मचारियों को बंधक बनाया था समेत अन्य बिंदुओं पर जांच की जाएगी।
कोतवाली पहुंचा मामला, विभाग ने नकारा
बोर्ड मुख्यालय के कर्मचारी बंधनमुक्त होने के बाद कहीं कोई कार्रवाई न करें, इसको लेकर उन पर समझौते का दबाव बनाया गया। बताते हैं कि इसको लेकर दोनों पक्षों में समझौता भी हो गया। इसको लेकर दोनों पक्ष रविवार दोपहर कोतवाली पहुंचे और आपस में सुलह होने की जानकारी दी। हालांकि विभाग मामला पुलिस में जाने से साफ इंकार कर रहा है। इस मामले में कोतवाल जसपाल सिंह ग्वाल ने बताया कि रविवार को शिक्षा विभाग के कुछ लोग आए थे। किसी मामले में सुलह समझौते की जानकारी देकर चले गए।
खोल दिया या नहीं.....प्रधानाचार्य का आडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इधर मुख्यालय कर्मचारियों के बंधक बनाने का मामला आग की तरह फैल चुका था कि इस बीच मंगलवार को ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्यामा कुमार की आडियो क्लिप वायरल हो गईं। एक वायरल हुई आडियो क्लिप प्रधानाचार्य व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रवि के बीच बातचीत की है। इसमें प्रधानाचार्य द्वारा मुख्यालय कर्मचारियों को कमरे में बंद करने, उनके मोबाइल फोन स्वीच करने की बात कही जा रही है। वही एक अन्य आडियो में संकलन केंद्र में तैनात पुलिस कर्मी व प्रधानाचार्य के बीच बातचीत का है। जिसमें प्रधानाचार्य द्वारा बंधनमुक्त कर्मचारियों को भगाने की बात कहीं जा रही है। वही तीसरी आडियो क्लिप प्रधानाचार्य द्वारा कर्मचारियों को खोलने के बाबत जानकारी का है।
वायरल हुई आडियो क्लिप फर्जी
सोशल मीडिया पर जो आडियो क्लिप वायरल की जा रही है। वही पूरी तरह से फर्जी है। मेरी व कर्मचारी के बीच हुई बातचीत की आडियो क्लिप को फर्जी तरीके से एडिट कर मुझे बदनाम किया जा रहा है।
श्यामा कुमार, प्रधानाचार्य, ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज
प्रधानाचार्य के कहने पर बनाया बंधक
प्रधानाचार्य द्वारा ही कर्मचारियों को बंद करने व उनके मोबाइल फोन छीनने को कहा गया। मुझे मात्र इतना बताया कि दो कर्मचारी आ रहे हैं। इन दोनों को कमरे में बंद कर फोन छीन लेना। मैंने तो प्रधानाचार्य के आदेश को माना है।
रवि कश्यप, निलंबित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कर्मचारी
जांच के बाद ही सही स्थिति की होगी जानकारी
बोर्ड मुख्यालय के कर्मचारियों के साथ हुई अभद्रता के मामले की जांच की गई। प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए दो चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। घटना बेहद गंभीर है। इस मामले में जांच अधिकारी नियुक्त किया जा रहा है। जांच के बाद ही सही स्थिति की जानकारी हो सकेगी। इस मामले से शासन को भी अवगत करा दिया गया है।
राजेश कुमार वर्मा, डीआईओएस