दो ग्राम पंचायत अधिकारियों पर पंचायतों में विकास कार्य के नाम पर गड़बड़ी के आरोप जांच में सही पाए गए हैं। इस पर डीपीआरओ दोनों ग्राम पंचायत अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।
मरौरी ब्लाक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश कुमार शर्मा पूर्व में बरखेड़ा ब्लाक की बहादुरपुर हुक्मी, लखनऊ कलां सहित पांच ग्राम पंचायतों में तैनात थे। आरोप है कि ग्राम पंचायत अधिकारी ने ग्राम निधि के खातों से लाखों रुपये की धनराशि विकास कार्यों के नाम पर निकाल ली लेकिन इनसे क्या कार्य कराया गया, यह नहीं दर्शाया। स्थानांतरण के बाद चार्ज लेने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी राजेश कुमार भी इसके अभिलेख एवं व्यय बाउचर उपलब्ध नहीं कराए।
वहीं बरखेड़ा ब्लाक के ग्राम पंचायत अधिकारी हरवंश कुमार पर ग्राम पंचायत खमरियापुल में वर्ष 2011-12 में तैनात मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। मनरेगा उपायुक्त की जांच में ग्राम पंचायत अधिकारी पर लगे आरोप जांच की तो आरोप सही पाए गए। इस पर उन्होंने कार्रवाई की संस्तुति सहित रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी।
सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ वीपी सक्सेना ने दोनों ग्राम पंचायत अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। दोनों को क्रमश: मरौरी व बरखेड़ा ब्लाक से संबद्ध किया गया है।