एक दिन में मानक से अधिक धान खरीद दर्शाना प्रभारी डिप्टी आरएमओ एवं पूरनपुर के एसएमआई को मंहगा पड़ गया। फर्जीवाड़े की आशंका पर आरएमओ ने दोनों स्थानों पर हुई धान खरीद के जांच के आदेश दिए हैं। किसानों की मेहनत की कमाई पर खाद्य विभाग की मिलीभगत से हर साल डाका डाला जाता है। इसमें धान और खरीद दोनों में ही हेराफेरी कर सरकारी आंकड़े दुरुस्त किए जाते हैं। गत वर्ष जिले में तैनात रहे डिप्टी आरएमओ एसके यादव के समय में भी आंकड़ों का खेल हुआ था। इसकी पोल खुलने पर उच्चाधिकारियों ने खुद को बचाकर उन्हें बलि का बकरा बना दिया था। इससे पूर्व हुई धान खरीद में भी आंकड़ों की बाजीगारी की लेकिन इन फर्जी आंकड़ेबाजी में दोनों एसएमआई एक दिन की मानक खरीद भूल गए। इसमें सर्वाधिक गड़बड़ी न्यूरिया केंद्र पर बताई जा रही है। इस केंद्र की प्रभारी तत्कालीन एसएमआई और वर्तमान में प्रभारी डिप्टी आरएमओ कांती राठौर थीं। नियमत: एक दिन में एक हजार क्विंटल से अधिक खरीद नहीं होनी चाहिए लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष अधिक खरीद दर्शाने के चक्कर में एसएमआई ने कई बार एक दिन में एक हजार क्विंटल से अधिक खरीद दर्शा दी। कमोवेश यही हाल पूरनपुर मंडी केंद्र प्रभारी रविप्रताप सिंह का है। वहां भी एक दिन में एक हजार क्विंटल से अधिक खरीद दर्शायी गई है। गड़बड़ी की जानकारी संज्ञान में आने पर आरएमओ ने इस पर संज्ञान लेते हुए दोनों स्थानों पर हुई खरीद की जांच के आदेश दिए हैं। जल्द दोनों केंद्रों पर हुई खरीद की जांच की जा सकती है।
आरोपी के हवाले जिले की गेहूं खरीद
योगी सरकार ने कामकाज संभालते ही गेहूं खरीद में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं लेकिन जिले में इसका जिम्मा प्रभारी डिप्टी आरएमओ कांती राठौर के पास है जो स्वयं खरीद में गड़बड़ी के आरोप में फंसी हैं। ऐसी स्थिति में गेहूं की खरीद कितनी पारदर्शिता से होगी यह बड़ा सवाल है।