विशेष सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने सुनाई सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने दो दोषियों को 20-20 वर्ष की सजा सुनाते हुए 57-57 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बिलसंडा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने 6 अक्तूबर 2014 को बिलसंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें कहा था कि 5 अक्तूबर 2014 को वह, उसकी पत्नी और बेटा मजदूरी के लिए बाहर गए थे। घर पर 14 वर्ष की बेटी, छोटा बेटा और बहू थे। पश्चिमी बंगाल का रहने उत्तम बिलसंडा में अपनी बहन के यहां डेढ़ साल से रह रहा था। उत्तम ने गांव के ही रविंद्र पुत्र रघुवीर दयाल को भेजकर बेटी को बुलाया और उसे लेकर फरार हो गया। परिजनों के साथ ही पड़ोसी ने इसकी जानकारी दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर लड़की को बरामद किया। बयान में दुष्कर्म की बात सामने आई। जिसके बाद मुकदमे में सामूहिक दुष्कर्म की धारा भी जोड़ दी गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। कोर्ट ने उत्तम पुत्र लक्खन और रघुवीर दयाल पुत्र रामदयाल को 20-20 साल की कैद की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक रोहित कुमार शुक्ला ने की ।