रोती बिलखती महिलाओं का फाइल फोटो
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बिलसंडा। गांव आजमपुर बरखेड़ा में रविवार को इंजन फटने से किसान और मिस्त्री की मौत हो गई थी। सोमवार को दोनों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव में एक साथ दो अर्थियां उठीं तो सभी की आंखें नम हो गईं। मृतक आश्रितों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत मदद दी जाएगी।
खेत पर मरम्मत के दौरान डीजल इंजन अचानक फट गया था। हादसे में किसान शिवकुमार और मिस्त्री महेश की मौत हो गई थी।
घटना के बाद से किसानों के घर में चीख-पुकार मची हुई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजन को सौंप दिए। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार से पहले जब एक साथ गांव में दोनों के अर्थियां उठीं तो ग्रामीणों की आंखों से आंसू निकल पड़े। कई ग्रामीण मृतकों के परिवार वालों को ढांढस बंधा रहे थे, पर परिजन के सुबक-सुबक कर रो रहे थे।
लेखपाल विवेक कुमार किसानों के घर पहुंचे। किसानों के परिवार का विवरण लिया। कृषक दुर्घटना बीमा योजना में आर्थिक मदद दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सबसे पहले किसान के बच्चों के नाम जमीन की विरासत दर्ज करेंगे। इसके बाद आर्थिक मदद देने की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
आर्थिक मदद का दावा तैयार किया जा रहा है। गांव के निवासी योगेंद्र ने बताया कि इंजन फटा तो तेज आवाज आई और वह मौके पर दौड़कर पहुंचे। वहां देखा तो शिवकुमार और महेश जमीन पर गिरे पड़े मिले। दोनों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इन दोनों किसानों के परिवार को आर्थिक मदद दी जाए।