पीलीभीत। कक्षा 11 की छात्रा को एक युवक परेशान करता था। उसका पीछाकर अश्लील हरकतें करता था। युवक की मां ने रविवार शाम छात्रा से फोन पर गाली-गलौज की। इससे आहत होकर छात्रा ने दुपट्टे के फंदा से लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं में आरोपी युवक और उसकी दो सहयोगी युवतियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री इसी वर्ष हाईस्कूल में अच्छे नंबरों से पास हुई और पीलीभीत में कक्षा 11 की पढ़ाई कर रही थी। पिछले छह माह से एक युवक उनकी पुत्री का पीछा कर रहा था। अक्सर अश्लील हरकतें करता था। इससे पुत्री परेशान रहती थी। कई बार परेशानी का कारण पूछा तो उसने नहीं बताया। युवक का परिवार रुद्रपुर की किसी फैक्टरी में नौकरी करता है। वह भी परिवार के साथ ही रहता था, मगर अक्सर गांव आ जाता था। पुत्री को उसकी ननिहाल भेज दिया तो आरोपी युवक वहां भी पहुंच गया। हालांकि वहां किसी की पकड़ में नहीं आ सका। युवक ने पुत्री को जबरदस्ती मोबाइल भी दिया था। मोबाइल पर युवक अक्सर पुत्री को परेशान करता था।
24 जुलाई की शाम पांच बजे आरोपी की मां का फोन आया तो पुत्री ने अपनी मां को बताया कि युवक काफी परेशान कर रहा है। इससे वह तंग आ चुकी है। इसके बाद कमरे में जाकर पुत्री ने दुपट्टे का फंदा बनाकर कुंडे से लटक कर आत्महत्या कर ली। जब पत्नी पुत्री को ढूंढते हुए कमरे में पहुंची तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी संजय और उसकी दो सहयोगी युवतियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, पीछा करने, पॉक्सो एक्ट समेत आदि की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है।
आरोपी की मां से फोन पर बात के बाद सदमे में थी
छात्रा के छोटे भाई ने बताया कि रविवार की शाम संजय की मां से गांव की एक महिला ने बहन की बात कराई थी। फोन पर बात होने के बाद बहन सदमे में थी और उसने घर आकर आत्महत्या कर ली। उस समय घर पर कोई नहीं था। कुछ देर बाद मां और वह घर पहुंचा तो बहन फंदे पर लटकी मिली। यह देख हमारी चीख निकल गई। इसके बाद घर में भीड़ एकत्र हो गई।
पुलिस नहीं पहुंची गांव, परिवार ने लगाया आरोप
पोस्टमार्टम हाउस पर छात्रा के परिजन ने बताया कि रविवार को घटना के बाद से पुलिस सोमवार को दोपहर तक गांव नहीं पहुंची। आरोपी भी गांव से लापता हो गया है। अगर पुलिस सूचना के बाद गांव पहुंच जाती तो पुलिस आरोपी को पकड़ सकती थी। आरोपी के परिवार ने धमकी भी दी है।